बनकर तैयार हो गई योजना तब की गई कार्रवाई
विकास प्राधिकरण की टीम ने बृहस्पतिवार को रायबरेली रोड पर एक निजी बिल्डर के 14 मंजिला आपार्टमेंट को सील कर दिया। यह कार्रवाई एलडीए की ओर से तब की गई जब अपार्टमेंट बनकर तैयार हो गया है। इससे पहले एलडीए ने इसे सील करने की कार्रवाई नहीं की जबकि दो साल से अधिक समय से निर्माण चला है।
एलडीए की इस कार्रवाई से उन सैकड़ों आवंटियों को झटका लगा है, जिन्होंने इस बिल्डिंग में फ्लैट खरीदे हैं। कई लोग दशहरा या दीपावली पर गृहप्रवेश करने की तैयारी कर रहे होंगे। इस बारे में एलडीए वीसी शिवाकांत द्विवेदी का कहना है कि एलडीए ने सीलिंग से पहले बिल्डर को शमन कराने का पूरा मौका दिया। बिल्डर की मल्टीस्टोरी योजना में जो गड़बड़ियां थीं, उनको दूर करने के लिए कहा गया था, मगर उसने ऐसा नहीं किया। ऐसे में एलडीए के पास निर्माण को सील करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
एलडीए ने ही दिया पूूरा मौका
सूत्र बताते हैं कि एक पूर्व अफसर ने इस बिल्डिंग के लिए सीलिंग नोटिस जारी करने के बाद उसे वापस ले लिया था। यह वही प्रभावशाली बिल्डर है, जिसका एक अपार्टमेंट हाल में फैजाबाद रोड पर सील किया गया है। खुद का नाम न आए इसके लिए यह बिल्डर कंपनी निदेशकों के नाम पर काम करता है लेकिन मालिक खुद रहता है। बिल्डर से साठगांठ रखने वाले एलडीए के अफसर भी उसका नाम छुपाए रखने में माहिर हैं।
जब शमन योजना चल रही थी उस समय बिल्डर को शमन के लिए नोटिस दिया गया था। मगर बिल्डर ने आधे-अधूरे कागजात दिए। जितना निर्माण था उससे कम बताया। शमन का पूरा शुल्क भी नहीं जमा किया। एलडीए यह नहीं चाहता था किसी आम आदमी का पैसा बिल्डर के पास फंसे, मगर जब बिल्डर ने नियम नहीं माने तो बिल्डिंग को सील किया गया।
- शिवाकांत द्विवेदी, वीसी एलडीए