नागरिक सुविधाओं वाले विभाग वाले नवाब साहब की तुनक मिजाजी से कौन वाकिफ नहीं है। पिछले दिनों वह दो नगर आयुक्तों पर बिफर पड़े।
एक राजधानी तो दूसरे ताजनगरी वाले। दोनों की खास बात है। ताजनगरी वाले जहां काफी तेज बताए जाते हैं, वहीं राजधानी वाले इतने सुस्त बताए कि उन्हें अपने मातहत से काम कहने में ही कई दिन लग जाते हैं।
नवाब साहब ने पिछले दिनों ताजनगरी वाले को हटाने का आदेश दे दिया और राजधानी वाले पर नजर गड़ा दी। अब क्या था। विभाग में हड़कंप मच गया। वजह दोनों अफसर एक विशेष वर्ग के हैं।
सो शुरू हो गया मैनेजमेंट का खेल। किसी तरह मामले को मैनेज कर लिया गया, लेकिन अखबार वाले कहां चुप रहने वाले थे।
नवाब साहब ने एक दिन प्रेस कांफ्रेंस बुलाई, तो एक पत्रकार ताजनगरी और राजधानी वाले पर सवाल दाग दिया। नवाब साहब को कोई जवाब नहीं सूझ रहा था, सो उन्हें कहना ही पड़ा भाई सभी को हटा देंगे तो काम किससे लेंगे।