पुलिस विभाग के दो बड़े अफसरों के आपसी तनाव से कई मातहत फायदा उठाने की जुगत में लग गए हैं।
फायदा उठाने वालों में दो तरह के मातहत हैं। एक तो वे जो आग को भड़का कर अपने-अपने आका के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरे वे जो इस लड़ाई में अपना भला देख रहे हैं।
जो अपना भला देख रहे हैं, उन्हें इससे मतलब नहीं कि कौन जीतता है और कौन हारता है। वे तो इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब दोनों एक-दूसरे का नुकसान करें, जिससे कि उनके रास्ते खुल जाएं।
एक अधिकारी तो अभी से एक बडे़ साहब के नक्शे कदम पर चलने लगे हैं। उनमें आए इस बदलाव को उनके साथियों और मातहतों ने भी देखा है। तभी समय-समय पर मातहतों में बरबस यह चर्चा हो रही है कि दो बड़ों की लड़ाई में...।