अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक साहब ऐसे हैं जो काम को करने के बजाय उसे उलझाने के लिए मशहूर हैं।
कोई भी फाइल उनके पास जाती है तो वे उसे डंप कर देते हैं। मातहत उनकी इस हरकत से परेशान हैं। फाइल लेकर जाते हैं तो उसमें कुछ न कुछ ऐसा उलझाव कर देते हैं कि वह आगे ही नहीं बढ़ पाती है।
उनकी इस हरकत से विभाग के सचिव भी खासे परेशान हैं। कई बार सचिव ने उनकी इस आदत पर फटकार भी लगाई। अब बेचारे अधिकारी महोदय अपनी काहिली का ठीकरा अपने मातहतों पर फोड़ देते हैं।
पिछले दिनों की ही बात है जब एक काम पूरा न होने के कारण फिर उन्हें सचिव ने तलब किया।
जब अधिकारी महोदय पहुंचे और सचिव से कहने लगे ‘सर आप इतने अच्छे अफसर हैं लेकिन नीचे के कर्मचारियों को कुछ नहीं आता, इसीलिए हम आपको रिजल्ट नहीं दे पा रहे।’
मातहतों की जमकर शिकायत की। लेकिन सचिव भी इन साहबान की आदत से वाकिफ थे।
उन्होंने कहा आप काम करिए...बाकी चीजें नहीं चलेंगी। सचिव ने इशारे में यह भी बता दिया कि काम ही बोलेगा चमचागीरी नहीं। बेचारे साहबान मुंह लटकाए वापस चले आए।