यूपी के भाजपाइयों का जवाब नहीं। अब मिशन नरेंद्र मोदी को ही लें।
‘नमो’ मंत्र जाप का असर तो चुनाव बाद पता चलेगा, पर भाजपाइयों को जय-जयकार कराने का मौका मिल गया है।’
अमित शाह के फरमान के बाद पार्टी की गाड़ी पर रिश्तेदारी निभाने और लोगों के बीच जाकर स्वागत-सत्कार कराने की उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा था।
पर भला हो मोदी का जिनके बहाने चर्चा में आने का मौका भी मिल रहा है और दौरा करने का भी।
मामला मोदी का है और भीड़ जुटानी है तो दौरा करने से कौन रोकेगा। हर छोटा-बड़ा बस मोदी की रैली को सफल बनाने के काम में जुटा दिख रहा है।
क्षेत्रों का दौरा, तरह-तरह के इंतजाम की फिक्र और भी न जाने क्या-क्या।
स्थानीय नेताओं की ओर से स्वागत-सत्कार और फूल-मालाओं का इंतजाम। अखबार में फोटो। किसी नेता को और क्या चाहिए।