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आंधी : चार और की मौत, बिजली व्यवस्था ध्वस्त

Thu, 30 Apr 2026 09:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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अमानीगंज के मठिया तिराहे पर सड़क पर गिरा विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर, मलबा हटाते वनकर्मी।
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अयोध्या। आंधी-तूफान ने बुधवार शाम जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर तांडव मचाया। इसकी जद में आकर घायल हुई छह साल की बच्ची समेत चार और लोगों ने बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। दो दिन में कुल सात लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई चोटिल हुए हैं। आंधी ने बिजली व्यवस्था पर भी कहर ढाया है।
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बीकापुर प्रतिनिधि
के मुताबिक क्षेत्र के कोदैला निवासी फूल कली पत्नी सुकई यादव के ऊपर आंधी में डाल गिरने से गंभीर घायल हुई थीं, मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर में इलाज के दौरान रात में मौत हो गई। मृतका के पुत्र राम तेज यादव ने बीकापुर कोतवाली में सूचना दी। क्षेत्र के ही बनिया का पुरवा निवासी राममिलन (65) छप्पर के नीचे दबने से गंभीर रूप घायल हो गए थे। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रात में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। हैदरगंज प्रतिनिधि
के मुताबिक जाना मजरे ओझाने निवासी साधू सिंह (70) जामुन की डाल गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे एंबुलेंस के इंतजार के दौरान ही उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जाना बाजार प्रतिनिधि के अनुसार बैंती कला में विजय सिंह के यहां ननिहाल आई छह वर्षीय लाडो पुत्री मंगल सिंह मुसाफिरखाना अमेठी दीवार के नीचे दबने से घायल हो गई थी, लखनऊ ट्रामा सेंटर में उसकी मौत गई। जबकि मृतक बच्ची की नानी राजेश्वरी और उनके भाई अनिल सिंह भी दीवार की जद में आकर घायल हुए हैं सभी का इलाज चल रहा है। ये लोग शादी समारोह में आए थे। इसी गांव के राजेंद्र सिंह, नंदलाल का पुरवा निवासी शालिग्राम्, रौहारी निवासी रजनीश, जाना बसंती का पुरवा निवासी मोनू शर्मा सहित कई लोग चोटिल हुए हैँ। वहीं दिलासीगंज मार्ग पर ठंडी सड़क निवासी मुकलेश (45) छत पर टिनशेड ठीक कर रहे थे तभी तेज हवा के झोंके से टिनशेड उनके गर्दन पर जा लगी। मेडिकल कॉलेज में स्थिति नाजुक बनी हुई है।
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तूफान से टूटे 1201 खंभे, 113 ट्रांसफार्मर जमींदोज
चक्रवाती आंधी में बीकापुर तहसील क्षेत्र में 631 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 77 विद्युत ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचा है। मिल्कीपुर प्रतिनिधि के मुताबिक 150 बिजली के पोल टूट गए। तारुन प्रतिनिधि
के मुताबिक पेड़ गिरने से क्षेत्र में लगभग 300 खंभे टूटकर गिर गए, जबकि 30 ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गए। बीकापुर के एसडीओ संदीप यादव ने बताया कि नुकसान सर्वे की रिपोर्ट तैयार की गई है। विद्युत कर्मियों की टीम पोल और लाइन की मेंटेनेंस में लगी हुई है। मिल्कीपुर एसडीओ अमित सिंह ने बताया कि बड़े पैमाने पर बिजली के पोल टूटे हैं और लाइनें व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। अमानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार उपकेंद्र की लाइन के 60 से अधिक विद्युत पोल टूट गए हैं। कई ट्रांसफार्मर जमींदोज हो गए हैं। गोसाईगंज एवं महबूब गंज प्रतिनिधियों के मुताबिक जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली पोल टूटे हैं। 33 केवी बीकापुर से तारुन गोसाईगंज लाइन में 10 से अधिक स्थानों पर खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि दो पोल पूरी तरह उखड़ गए हैं। हनुमत नगर प्रतिनिधि के अनुसार विद्युत उपकेंद्र रसूलाबाद के जेई अरविंद प्रजापति ने बताया कि करीब 50 पोल टूट कर गिरने और करीब आधा दर्जन ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। हालात ये हैं कि सात फीडरों के अलग-अलग इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। जेई रंजीत कुमार ने इसकी पुष्टि की है। बीकापुर के पांचों उपकेंद्र से आपूर्ति ठप है। बिजली उपकेंद्र बीकापुर के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित केएलके फीडर, एसी फीडर, साउथ फीडर, एस डब्लू फीडर, एनी फीडर सहित सभी विद्युत फीडर से दूसरे दिन बृहस्पतिवार शाम तक भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। उपकेंद्र मगारी, तारुन, हैदरगंज तथा विद्युत उपकेंद्र गयासपुर से आपूर्ति भी शुरू नहीं हो सकी। करीब छह लाख की आबादी प्रभावित हुई है।


पोल्ट्री फार्म तबाह, 600 चूजों की मौत
बीकापुर के परसुही गांव में आंधी की चपेट में आकर प्रदीप यादव का पोल्ट्री फार्म बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में करीब 600 चूजों की दीवार के नीचे दबकर मौत हो गई। फार्म में रखे मुर्गियों के दाने भीगकर जमीन पर बिखर गए। बृहस्पतिवार सुबह मौके पर पहुंचे राजस्व विभाग के कानूनगो अवधेश मिश्रा ने नुकसान की लिखा पढ़ी की गई। उन्होंने बताया कि किसान को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और शासन स्तर से जो भी संभव सहायता होगी, उपलब्ध कराई जाएगी।


केले की तैयार फसल पर पानी, टूटे अरमान
तारुन। आंधी तूफान ने बेलगरा के प्रगतिशील किसान विवेक वर्मा की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने जुलाई में चार बीघे में केले की फसल लगाई थी। 10 महीने की हो चुकी फसल लहलहा रही थी। अगले महीने इसमें फल आने वाले थे। विवेक अब तक 70 हजार रुपये खर्च कर चुके थे लेकिन आंधी तूफान ने सब तहस नहस कर दिया। इसी फसल से बच्चों की पढ़ाई और घर-गृहस्थी का खर्च चलने की आस थी। खेत में लगे सभी केले के पेड़ धराशायी होने पर हताश किसान विवेक वर्मा ने कहा कि अब बच्चों की फीस और घर का खर्च कैसे चलेगा, कुछ समझ नहीं आ रहा। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है ताकि नुकसान की कुछ भरपाई हो सके।


दिशा-सूचक साइनबोर्ड गिरा, कई वाहन व ठेले क्षतिग्रस्त
तारुन। आंधी-तूफान ने अचानक अफरा-तफरी मचा दी। सड़क किनारे लगा एक भारी-भरकम दिशा-सूचक साइनबोर्ड टूटकर सड़क पर गिर गया। साइनबोर्ड के गिरते ही वहां खड़ी कई मोटरसाइकिलें, ठेले और दुकानों का सामान उसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ देर के लिए मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद साइनबोर्ड को हटाया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
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