राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मानकों के हिसाब से एक विभाग में न्यूनतम तीन शिक्षक होने चाहिए। इनमें से न्यूनतम एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट और एक असिस्टेंट प्रोफेसर होना चाहिए। इसके बावजूद लोहिया संस्थान में लंबे समय से पद खाली पड़े हुए हैं।
जल्द होगी भर्ती
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता प्रो. भुवन तिवारी ने बताया कि यह सही है कि जांच के लिए वेटिंग नहीं होनी चाहिए, लेकिन डॉक्टरों की कमी की वजह से ऐसी समस्या आ गई है। संस्थान में इस समय शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नियुक्ति होगी और वेटिंग में कमी आएगी।