कुछ दिनों पहले लखनऊ के स्वास्थ्य भवन में लगी आग का मामला गहरा गया है। इस मामले में एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद इसे दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत देखा जा रहा है।
स्वास्थ्य भवन में लगी आग में साजिश की आशंका गहरा गई है। एसटीएफ ने इस मामले में शासन को भेजी अंतरिम जांच रिपोर्ट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका को सिरे से नकार दिया है। जांच एजेंसी ने आग लगने से आधे घंटे पहले तक संबंधित कमरे में मौजूद रहे सात कर्मियों पर शक जताते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराए जाने की सिफारिश की है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रविवार का दिन होने के बावजूद सात कर्मचारी स्वास्थ्य भवन आए थे। यह सभी कर्मचारी शाम करीब साढ़े सात बजे तक वहां रहे। उनके जाने के कुछ ही देर में आग लगी।
जिन कमरों में आग लगी वहां बीयर की खाली बोतलें और सिगरेट के टोटे मिले। पर, जिस वक्त आग लगी, उस समय स्वास्थ्य भवन की बिजली की मेन लाइन बंद थी। जेनरेटर भी बंद था।
सिर्फ अर्थिंग होने की वजह से आग लग नहीं सकती। शॉर्ट सर्किट से आग लगी होती तो बिजली के तार बाहर तक जलते, पर आग का असर सिर्फ दो बड़े कमरों तक ही रहा। ऐसे में आग साजिश से लगाए जाने की आशंका है।