स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने चिनहट थानाक्षेत्र से मुन्ना बजरंगी के उत्तराधिकारी अमन सिंह के गिरोह के शॉर्प शूटर को बृहस्पतिवार को दबोच लिया। उस पर झारखंड व अयोध्या में कई मामले दर्ज हैं। झारखंड डीजीपी ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल, एक डोंगल और नकदी बरामद किया है।
झारखंड के धनबाद व रांची में कई सालों से व्यापारियों व कोल कंपनियों के अधिकारियों से रंगदारी मांगने की वारदात बढ़ रही थी। रंगदारी न देने पर हत्या के प्रयास की वारदात भी हुई। कई मुकदमें दर्ज हुए। इसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। झारखंड के डीजीपी मुरारी लाल मीना ने एसटीएफ उत्तर प्रदेश के एडीजी अमिताभ यश से संपर्क किया। दोनों अधिकारियों के बीच बातचीत होने के दौरान झारखंड से 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश अभिनव प्रताप सिंह उर्फ बडू की लोकेशन उत्तर प्रदेश में मिली। दोनों ने संयुक्त रूप से प्रयास शुरू किया। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक अभिनव की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई। पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को चिनहट से अभिनव को दबोच लिया। उसके पास से तीन मोबाइल, एक डोंगल, नकदी बरामद किया।
राची जेल में बंद है गिरोह का सरगना
एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक अभिनव के बारे में जानकारी राची जेल से मिली। वहां इस गिरोह का सरगना व मुन्ना बजरंगी गिरोह का उत्तराधिकारी अमन सिंह बंद है। अमन अंबेडकरनगर का रहने वाला है। वहीं उसका करीबी साथी धर्मेंद्र सिंह उर्फ रिंकू धनबाद जेल में बंद है। उस पर धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या का मुकदमा दर्ज है। इन दोनों ने कोल इंइस्ट्री में अपना वर्चस्व कायम करने के लिए झारखंड व उत्तर प्रदेश के अपराधियों का एक गिरोह तैयार किया। जो आपस में इंटनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क में रहता है। वहीं रांची व धनबाद में वारदातों को अंजाम देता है। जेल के बाहर अयोध्या के मूलरुप से ज्ञानपुर का रहने वाला अभिनव नगर कोतवाली के देवकाली स्थित सरयू विहार कालोनी में रहता है। जेल के बाहर वही गिरोह को संचालित कर रहा था। इन्हीं अपराधियों को मुन्ना बजरंगी आर्थिक व आपराधिक सहयोग प्रदान करता था। जो मुख्तार अंसारी के जरिए दिया जाता था।
कैश वैन से 1.2 करोड़ की लूट में गया था जेल
पुलिस के मुताबिक अभिनव का रिश्तेदार अजय सिंह सिपाही है। वह शातिर अपराधी है। उसे पुलिस ने 2009 में जेल भेज दिया था। उससे मिलने के लिए वह छात्र जीवन में ही जाता था। उसके साढू संदीप सिंह के साथ मिलकर प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करने लगा। 2014 में संदीप व अभिनव ने महराजगंज थानाक्षेत्र में बैंक ऑफ बडौदा की कैशवैन लूट ली थी। जिसमें 1.2 करोड़ रु़पये थे। संदीप को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तो अभिनव ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था। वहीं अमन सिंह से मुलाकात हुई थी। जेल से छूटने के बाद अमन अयोध्या के प्रापर्टी डीलर फत्तेह वर्मा की हत्या, सीमा हास्पिटल के मालिक सरोज पांडेय से रंगदारी, जानलेवा हमले, सुल्तानपुर के पत्रकार करूण मिश्रा की हत्या, धनबागद के डिप्टी मेयर व कोल व्यापारी सूर्यदेव सिंह के भतीजे नीरज सिंह की हत्या केवारदात को अंजाम दिया। नीरज की हत्या के बाद अमन सिंह को छिपने का ठिकाना अयोध्या से लेकर वाराणसी, मिर्जापुर में कराई थी। इसी दौरान वह अमन के साथ तिहरे हत्याकांड में बंद रिंकू सिंह से मिलने मिर्जापुर जेल जा रहेथे। इसकेपहले ही दोनों पिस्तौल के साथ पकड़ लिये गये।
भाजपा विधायक के करीबी की हत्या की कोशिश की
एसटीएफ के मुताबिक अभिनव ने 2020 में साथी रवि ठाकुर के साथ झारखंड के धनबाद से भाजपा विधायक डुल्लू महतो के करीबी राजेश गुप्ता की तीन दिनों तक रेकी की। इसके बाद जान से मारने की कोशिश की, लेकिन भीड़ में होने के कारण कोशिश नाकाम हो गई। इसके बाद घर पर बम से हमला किया। भाजपा विधायक की धनबाद में कोयले की रैक लगी है। अमन सिंह भी रैक लगवा रहा था। लेकिन महतो ने लगने नहीं दिया था। इसी कड़ी में अंबे कोल सोर्सिंग कंपनी धनबाद के जीएम रेड्डी की रैकी कर गाड़ी पर फायरिंग की थी। सिटी फ्यूल पेट्रोल पंप गोविंदपुर पर फायरिंग व व्यापारी राजेश सिंह से रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज हैं।
गुवाहाटी गया था हत्या करने
एसटीएफ के मुताबिक लखनऊ के विश्वासखंड निासी अनुराग यादव का एनजीओ अखंड ज्योति चलता है। अनुराग का साझीदार रहमान 25 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। काफी तलाश के बाद उसकी लोकेशन गुवाहाटी में मिली। तो उसकी हत्या के लिए दिसंबर 2020 में गुवाहाटी गया था। लेकिन वहां उससे संपर्क नहीं कर सका। इस लिए वापस आ गया। पुलिस के मुताबिक अभिनव के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंदगारी, लूट और हत्या, जालसाजी सहित 11 मुकदमें दर्ज हैं। इसमें अयोध्या में चार, लखनऊ में आशियाना थाने में रंगदारी मांगने, मिर्जापुर, धनबाद झारखंड में पांच मुकदमें दर्ज हैं। एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर झारखंड से आये विवेचक अजय यादव को सुपुर्द कर दिया है।
अयोध्या के प्रॉपर्टी डीलर को मुन्ना बजरंगी से मिलावाया
एटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक अभिनव इस दौरान मुन्ना बजरंगी का काफी करीबी हो गया। वह अयोध्या से जिला पंचायत सदस्य रेखा चौधरी के पति रामचंदर के साथ प्रॉपर्टी डिलिंग के काम करने लगा। इसी बीच वह रामचंदर को लेकर झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी से मुलाकात कराई। वहां करोड़ों रुपये की डील हुर्ठ। लेकिन जमीन के सौदों में रामचंदर ने बेईमानी करना शुरू कर दिया। उसे धमकाया गया। इसी कारण रामचंदर ने मुन्ना बजरंगी व उसके कई साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें जेल भी गया।