फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: डिजिटल अरेस्ट गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो ठग गिरफ्तार, जाली आधार कार्ड का करते थे उपयोग

Sun, 27 Apr 2025 10:20 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो ठगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी जाली आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे। इन्होंने लाखों का ट्रांजेक्शन किया है। एक प्रयागराज और दूसरा लखनऊ के चिनहट का रहने वाला है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खुद को सीबीआई, क्राइम ब्रांच और नारकोटिक्स विभाग का अफसर बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह में शामिल दो जालसाजों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में प्रयागराज के होलागढ़ हसनपुर निवासी विरेंद्र यादव उर्फ सूरज और चिनहट के बटलर हाइट्स निवासी सुरजीत कुमार है। दोनों आरोपी गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। दोनों के कब्जे से जाली आधार कार्ड, चेकबुक, पासबुक और बैंक खातों से लिंक सिम कार्ड, एक कार व अन्य सामान बरामद किए गए हैं। दोनों ने लाखों रुपये के ट्रांजेक्शन की बात कबूली है।

विज्ञापन


एसटीएफ में एएसपी अमित कुमार नागर के मुताबिक मुखबिर ने सूचना दी थी कि डिजिटल अरेस्ट कर रुपये वसूलने वाले गिरोह के लोग खरगापुर के पास खड़े हैं। इसके बाद टीम बनाकर दोनों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी विरेंद्र ने बताया कि वह और उसका साथी साइबर क्राइम करने वाले गिरोह से ऑनलाइन एप के जरिये संपर्क में रहते हैं। साइबर अपराधी उनसे अपनी पहचान छिपाकर बात करते हैं। इसके लिए टेलीग्राम पर ग्रुप बनाया जाता है। ठग उन्हें खातों की जानकारी देने के बदले कमीशन देते हैं।

रुपये को यूएस डॉलर में बदलकर आरोपियों को भेजते

डिजिटल अरेस्ट के पीड़ितों की रकम आरोपियों के दिए गए खातों में ट्रांसफर की जाती है। इसके बाद आरोपी अलग-अलग एप के माध्यम से उस रकम को दूसरे खातों में भेज देते हैं। इसके बाद बिजनेस एप के जरिए उस रुपये को यूएस डॉलर में बदलकर आरोपियों को भेज देते हैं। इसके लिए उन्हें मोटी रकम मिलती है और नाम भी कहीं नहीं आता है। आरोपी लोगों से बात कर उनके खातों का ब्योरा लेते समय जाली आधार कार्ड का इस्तेमाल करते थे।

यह भी पढ़ेंः- UP News: कानपुर के अपर आयुक्त राज्य कर शशांक शेखर हटाए गए, टैक्स चोरी से जुड़ी शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई

बाईपास एप्लीकेशन का इस्तेमाल

बार-बार ओटीपी न डालना पड़े, इसके लिए आरोपी बाईपास एप्लीकेशन का इस्तेमाल करते थे। इससे वे अधिक से अधिक रकम ट्रांसफर कर सकते थे। विरेंद्र के फोन से एक कॉर्पोरेट अकाउंट फर्म फोर्थ ड्रीम इवेंट्स का खाता नंबर मिला जो द्वारका नगर का निकला। 

विज्ञापन


इस खाते के संबंध में अलग-अलग राज्यों से 41 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। एसटीएफ ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। दोनों के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों के साथियों के बारे में भी एसटीएफ पता लगा रही है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें