बेटियों को ट्रेन में अकेला छोड़कर सौतेली मां फरार हो गई। मामला कानपुर अनवरगंज-फैजाबाद एक्सप्रेस का है। बच्चियों के रोने पर यात्रियों ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी गई। इसके बाद आरपीएफ ने लड़कियों को चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतारकर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया।
मां यानी ममता भरी छांव। ऐसा आंचल, जो दुखों की तपती धूप से बचाता है। लेकिन एक सौतेली मां ने बृहस्पतिवार को इस शब्दों के मायने ही बदलकर रख दिए। बेटियों से छुटकारा पाने के लिए उन्हें ट्रेन में छोड़कर भाग गई।
चारबाग रेलवे स्टेशन में आरपीएफ उपनिरीक्षक सुनीता टिर्की व पंकज शुक्ल ने बताया कि मूलरूप से गोरखपुर के आजादनगर निवासी नौ वर्षीय सानिया व दो वर्षीय रहमत अक्शा अपनी सौतेली मां के साथ कानपुर अनवरगंज-फैजाबाद एक्सप्रेस से सफर कर रही थीं।
सौतेली मां बच्चों को ट्रेन में छोड़कर भाग गई। बच्चियों के रोने की आवाज सुनकर अन्य यात्रियों ने मामले की जानकारी आरपीएफ कंट्रोल रूम को दी।
ट्रेन के चारबाग पहुंचने पर बच्चों को उतारा गया और उन्हें चाइल्ड लाइन को सौंप दिया। बच्चियों ने बताया कि पिता सऊदी अरब में काम करते हैं, जबकि मां परवीन का देहांत हो चुका है। इसके बाद पिता ने दूसरी शादी की थी।