लखनऊ। हजरतगंज स्थित यूनानी सेवाएं उप्र के निदेशक प्रो. जमाल अख्तर ने स्टेनोग्राफर मो. जावेद सिद्दीकी पर उनके कार्यालय में घुस कर कनिष्ठ सहायक से अभद्रता और मारपीट पर आमादा होने का आरोप लगाया है। जावेद पर कार्यालय से अपनी संबद्धता समाप्ति के आदेश को निरस्त करने का दबाव डालने का आरोप है। हजरतगंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रो. जमाल के मुताबिक जावेद महानिदेशक आयुष विभाग के कार्यालय में संबद्ध था। एक सितंबर को उसकी संबद्धता समाप्त कर दी गई थी। आरोप है कि इस बात से आक्रोशित होकर आरोपी दस सितंबर की दोपहर करीब ढाई बजे उनके कार्यालय में अधोहस्ताक्षरी के कक्ष में बिना किसी अनुमति के घुस आया। वह कनिष्ठ सहायक डाॅ. हफीज इकबाल से अभद्रता करने लगा और मारपीट पर आमादा हो गया। आरोपी ने डॉ. हफीज को 24 घंटे में हत्या करने की धमकी तक दी।
निदेशक का आरोप है कि स्टेनोग्राफर के कारण सरकारी कार्य में बाधा आई। इस घटना के चलते आरोपी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, आगरा से संबद्ध किया गया है। निदेशक ने डॉ. हफीज अहमद अंसारी, डॉ. परवेज अस्तर खां, चिकित्साधिकारी / प्रभारी अधिकारी मो. इकबाल, कनिष्ठ सहायक सुरेंद्र वर्मा के साथ अनहोनी होने की आशंका जताते हुए हजरतगंज पुलिस से शिकायत की। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक केस दर्ज किया गया है। दफ्तर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही हैं। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।