वन विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए फर्जी विज्ञापन निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है। विज्ञापन में जालसाजों ने वन मुख्यालय का पता और भारत सरकार के राज्य चिह्न का भी प्रयोग किया है। ट्रेनिंग के नाम पर 22300 रुपये नकद मांगे हैं।
विज्ञापन में उन पदों को भी शामिल किया गया है जो विभाग में है ही नहीं। इसमें वन विभाग के ही कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर जालसाजों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दे दिए गए हैं।
इस फर्जी विज्ञापन में वन सर्वेक्षण अधिकारी, वन रक्षक और वन क्षेत्रपाल के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जबकि, विभाग में वन सर्वेक्षण अधिकारी या वन क्षेत्रपाल का कोई पद ही नहीं हैं। वहीं, वन रक्षक के पद नियुक्ति उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से ही किए जाने का प्रावधान है। जालसाजों ने आवेदन पत्र के साथ जमानत राशि के लिए आवश्यक निर्देश के साथ ही तमाम नियमों की लिस्ट भी जारी की है।
इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि आवेदकों को नियुक्ति पत्र पहुंचने के दो दिन के बाद सिक्योरिटी राशि 22300 रुपये नकद बैंक खाते में जमा करनी होगी। चेक, डीडी या ड्राफ्ट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जबकि, प्रदेश की किसी भी परीक्षा में नकद राशि न लिए जाने के नियम का कड़ाई से पालन किया जाता है। यह राशि ट्रेनिंग के एवज में जमानत राशि के तौर पर लेने की बात कही गई है। ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने पर राशि वापस करने का वादा किया गया है। साथ ही कहा गया है कि बीच में ट्रेनिंग छोड़ने पर जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।