लखनऊ। बाल विकास विभाग की ओर से एक जुलाई से संचालित संभव अभियान में लखनऊ के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की एएनसी (एंटीनेटल केयर) जांच की स्थिति बेहतर हुई है। इन केंद्रोंं पर 17,485 गर्भवतियां पंजीकृत हैं। इनकी चार एएनसी जांच होती है।
जांच में वजन, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन और अल्ट्रासाउंड आदि शामिल हैं। पहली जांच गर्भावस्था का पता चलने पर होती है। बाद में तय समय के अंतराल पर दूसरी, तीसरी व चौथी जांच होती है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत गर्भवतियों की समय पर जांच की जिम्मेदारी बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग संभालता है। महिलाओं को जांच और संतुलित खानपान के लिए जागरूक किया जाता है। लखनऊ में पंजीकृत 17,485 गर्भवतियों में से संभव अभियान के दौरान 17,186 की पहली एएनसी जांच हो चुकी है। यह कुल संख्या का 98.29 फीसद है। इसी तरह 87 फीसदी महिलाओं की दूसरी और 81 फीसदी महिलाओं की तीसरी जांच भी हो चुकी है।
हालांकि, गर्भवती की चौथी एएनसी जांच की स्थिति में अभी और सुधार की जरूरत है। 3,533 गर्भवतियों में अभी 2,287 की ही जांच हुई है। यह 64.73 फीसद है। डीपीओ श्रेयष कुमार ने बताया कि संभव अभियान में गर्भवती की जांच व उन्हें खानपान के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।