राज्य महिला आयोग ने विवाह के दिन से पत्नी को पति की कृषि भूमि में आधा हिस्से का मालिकाना हक देने की मांग की है। इसके अलावा अविवाहित, शारीरिक रूप से अक्षम, अनाथ, विधवा, परित्यक्ता व तलाकशुदा महिलाओं को ‘पृथक परिवार’ व ‘भूमिहीन किसान’ का दर्जा देने की मांग की है।
आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी ने उपाध्यक्ष सुमन यादव व जानकी पाल और अन्य सदस्यों के साथ सोमवार को राजस्व संहिता-2015 का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष राजबहादुर यादव से मुलाकात की।
उस्मानी ने यादव को एक प्रत्यावेदन सौंपकर ड्राफ्ट में महिला सशक्तीकरण से जुड़े सुझावों को शामिल करने का आग्रह किया।
उस्मानी ने कहा, विवाह पूर्व पुत्री का कृषि भूमि में जो मालिकाना हक बना है उसे उसके विवाह के बाद भी बरकरार रखा जाए अथवा विवाह की तिथि से पति की कृषि भूमि में स्वत: पत्नी को आधा मालिकाना हक दिया जाए।