घूसखोरी मामले में राज्यकर अधिकारी रेनू पांडे को निलंबित किया गया है। 3.5 लाख रुपये लेने संबंधी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई हैं। इसके बाद कार्रवाई की गई।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की राज्य कर अधिकारी रेनू पांडेय को घूस लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में उनकी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
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इस संबंध में राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने आदेश जारी कर दिया है। रेनू पांडेय की शिकायत गाजियाबाद के अपर आयुक्त ग्रेड-1 से शिकायत की गई थी। इसमें कहा गया था कि 24 जुलाई को मेसर्स बडी इंटरप्राइजेज लखनऊ की गाड़ी संख्या यूपी-25 ईटी 2138 को 12 जुलाई की रात में रोका गया।
शिकायत में कहा गया कि रेनू पांडे को 3.5 लाख रुपये दिए गए। साक्ष्य के रूप में शिकायतकर्ता ने फोन कॉल की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी भेजी। जारी आदेश में कहा गया कि रेनू गाड़ी रोके जाने के इस प्रकरण में बडी इंटरप्राइजेज, लखनऊ से रिश्वत लेने की दोषी हैं।
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रेनू के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम-7 के तहत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। निलंबन अवधि में राज्य कर अधिकारी रेनू पांडेय आजमगढ़, वाराणसी जोन द्वितीय वाराणसी से संबंद्ध रहेंगी। जोन प्रथम वाराणसी के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सिंह को मामले में जांच अधिकारी नामित किया गया है।