दाल की महंगाई से राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने भी कवायद शुरू की है। राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के जरिये लोगों को दाल मुहैया कराने का फैसला किया गया है। फिर भी आम लोगों को महंगी दाल से जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
वजह, इस दाल के आने में अभी लगभग 15-20 दिन लग सकते हैं। ऊपर से केंद्र सरकार ने प्रदेश को जितनी दाल हर महीने देने का फैसला किया है, उससे सभी को सस्ती दर पर दाल मिल पाना संभव नहीं है।
प्रदेश सरकार ने केंद्र से प्रतिमाह 21 हजार टन अरहर की दाल मांगकर इस संकट से निजात पाने की कार्ययोजना बनाई थी। पर, केंद्र सरकार ने सिर्फ एक राज्य को इतनी दाल देने में असमर्थता जता दी है। कर्मचारी कल्याण निगम के अधिशासी निदेशक एके उपाध्याय के अनुसार, केंद्र ने प्रतिमाह 250 टन दाल देने को कहा है।
इसके लिए सरकार ने निगम को दो करोड़ रुपये देने की बात कही है। इस धन से केंद्र से दाल लेकर प्रदेश में निगम के जरिये लोगों को दी जाएगी।
यह दाल किस कीमत पर लोगों को मुहैया होगी, इसका अभी फैसला नहीं किया गया है। दाल को मुंबई बंदरगाह से उत्तर प्रदेश लाना होगा। साथ ही इसकी दराई और सफाई करानी होगी क्योंकि विदेश से आने वाली दाल साबुत आ रही है।