हाईकोर्ट ने रामपुर में किसानों की जमीनों का जबरन बैनामा कराकर जौहर विश्वविद्यालय में मिलाए जाने के आरोप पर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने सरकार से 10 दिन में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। रामपुर के मजरा अलियागंज निवासी मो. हसन और 25 अन्य की अवमानना याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान तमाम ऐसे बैनामे दाखिल किए गए जिनके बारे में कहा गया कि किसानों से जबरन कागजों पर अंगूठे लगवाए गए।
यह भूमि अब जौहर विश्वविद्यालय में शामिल की जा रही है। इस कार्य में पुलिस भी शामिल है। पुलिसकर्मी रात में किसानों को उठा ले जाते हैं और उनसे जबरदस्ती अंगूठा लगवा लेते हैं। अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति आरडी खरे ने इन आरोपों पर भी सरकार से जवाब मांगा है।
याचिका में कहा गया कि एक जनहित याचिका पर सुनवाई के समय प्रदेश सरकार ने हलफनामा दिया था कि बिना भूमि अधिग्रहण किए किसी की भी जमीन नहीं ली जाएगी। इसके बावजूद किसानों से जबरन जमीन हथियाई जा रही है। इसलिए मामला अवमानना का बनता है।