इस पूरे मामले में अभी तक की जांच में एक आईपीएस अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि उक्त आईपीएस अफसर पूर्व में देवरिया में तैनात रहे हैं और मौजूदा समय में वह डीआईजी के पद पर तैनात हैं।
सूत्रों का कहना है कि यह अफसर लगातार नारी संरक्षण गृह संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के संपर्क में थे। घटना के खुलासे के दो दिन पहले तो उक्त अफसर की संचालिका से बात होने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि इसकी पुष्टि आधिकारिक रूप से किसी ने नहीं की है।