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डिफेंस एक्सपो से पहले रक्षा-एयरोस्पेस नीति को अधिक लुभावना बनाने की तैयारी में प्रदेश सरकार

Mon, 30 Sep 2019 12:01 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

  • फरवरी में डिफेंस एक्सपो, डिफेंस कॉरिडोर में अधिकाधिक निवेश लाने का लक्ष्य
  • कई सहूलियतें व वित्तीय सुविधाएं बढ़ेंगी, संशोधन में रोजगार बढ़ाने पर फोकस
  • रक्षा व एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में संशोधन का प्रस्ताव तैयार
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसमें निवेशकों को पहले से अधिक सहूलियतें, सुविधाएं व वित्तीय छूट देने का प्रस्ताव है। डिफेंस सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की योजना है।
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प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के विकास की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। बुंदेलखंड पर केंद्रित इस कॉरिडोर में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश की संभावना है। इससे इस क्षेत्र में एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। इस सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए फरवरी-2020 में लखनऊ में डिफेंस एक्सपो आयोजित करने का एलान कर दिया गया है। एक्सपो में डिफेंस सेक्टर में निवेश करने वाले देश-दुनिया के निवेशकों के शामिल होने की संभावना है। 

प्रदेश सरकार इस आयोजन से पहले पिछले वर्ष ही जारी की गई रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति में संशोधन पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे निवेशकों को आकर्षित किया जा सकेगा। संशोधन का प्रस्ताव निवेशकों के सुझाव व विभागों से परामर्श कर तैयार किया गया है। औद्योगिक विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नीति में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। इसे जल्द से जल्द कैबिनेट की मंजूरी दिलाने की योजना है। संशोधन से न सिर्फ निवेशक आकर्षित होंगे, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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निवेशकों को ये अतिरिक्त सुविधाएं देने का प्रस्ताव

  • प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार के साथ स्किल डवलपमेंट देने वाली यूनिट के लिए सब्सिडी का नया प्रस्ताव जोड़ा है। इसके तहत नौकरी के साथ एक वर्ष का प्रशिक्षण देने पर प्रति प्रशिक्षु 10,000 रुपये प्रतिमाह प्रतिपूर्ति की योजना है। एक यूनिट 50 प्रशिक्षुओं तक यह सब्सिडी प्राप्त कर सकेगी।
  • प्रदेश में स्थापित समस्त रक्षा व एयरोस्पेस इकाइयों के उत्पादों के गुणवत्ता प्रमाणन में सहायता के लिए 20 लाख रुपये प्रतिवर्ष प्रतिपूर्ति की सीमा थी। इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है।
  • सरकार डिफेंस सेक्टर की इकाइयों को डिफेंस ऑफसेट फैसिलेटेशन एजेंसी (डोफा) से विचार-विमर्श का अवसर भी उपलब्ध कराएगी। इससे विदेश व देश के निवेशक प्रदेश में रक्षा और एयरोस्पेस पार्क व क्लस्टर की स्थापना के लिए अपने ऑफसेट समझौते के संबंध में राय-मशविरा कर पाएंगे। 
  • सरकार ने एंकर यूनिट की स्थपना के लिए जमीन खरीदने पर पहले प्रचलित सर्किल रेट या खरीद मूल्य में से जो कम हो, की लागत के 25 प्रतिशत तक देने का प्रावधान किया था। अब सर्किल रेट की शर्त हटाकर खरीद मूल्य कर दिया है। इसके अलावा एंकर यूनिट अपनी 20 प्रतिशत जमीन वेंटर यूनिट के लिए उपलब्ध करा सकेगी।
  • जमीन आवंटन के लिए जमीन लागत की 20 प्रतिशत रकम आवेदन के साथ देनी होगी। बाकी 80 प्रतिशत राशि का पूरा पेमेंट एक साथ या तीन से 30 वर्ष तक अवधि में किया जा सकता है। इसके लिए उसे छमाही किस्तों में भुगतान करना होगा और 9.5 प्रतिशत साधारण ब्याज लिया जाएगा।
  • 10 करोड़ तक निवेश करने वाली नई व विस्तार इकाइयों को कैपिटल सब्सिडी भी देने का प्रस्ताव है। बुंदेलखंड में स्थापित की जाने वाली इकाइयों को प्रदेश के अन्य हिस्सों से अधिक सब्सिडी दी जाएगी।
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