प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद के लिए केंद्र सरकार से 580.33 करोड़ रुपये की मांग की है। इसमें 230.36 करोड़ रुपये किसानों को फसलों के नुकसान के मुआवजे के रूप में बांटने के लिए मांगे गए हैं। पिछले दिनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण पर आई केंद्रीय टीम के सुझाव पर राजस्व विभाग ने संशोधित मांगपत्र केंद्रीय गृह सचिव को भेज दिया है।
भारी बारिश के कारण प्रदेश के 34 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। सरकार ने बाढ़ खत्म होने के बाद 12 नवंबर को नुकसान का आंकलन करवाकर 556.43 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र सरकार से मांगी थी।
केंद्र सरकार ने पिछले दिनों संयुक्त सचिव (गृह मंत्रालय) की अध्यक्षता में अपनी टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए भेजा था। केंद्रीय टीम ने मुख्यमंत्री से मुलाकात में मांगपत्र गाइडलाइन के हिसाब से न तैयार किए जाने की बात कही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के अफसरों को संशोधित मांगपत्र भेजने का निर्देश दिया था।
प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा की ओर से जिलों से नए सिरे से रिपोर्ट मंगाने के बाद संशोधित मांगपत्र भेजा है। इसमें पिछले मांगपत्र से 23.90 करोड़ रुपये की अधिक मांग की गई है। प्रमुख सचिव ने केंद्र को नुकसान का विस्तार से हवाला देते हुए 580.33 करोड़ रुपये की सहायता देने का आग्रह किया गया है।