राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का असर पंचायत उपचुनाव पर भी पड़ गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 19 नवंबर को होने वाले पंचायत उपचुनाव स्थगित कर दिए हैं।
अब यह उपचुनाव आठ दिसंबर को होंगे। मतगणना 10 दिसंबर को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए।
वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते विभागों में काम-काज ठप रहे।
राज्य कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार से और व्यापक होने जा रही है। इसमें आवश्यक सेवाएं भी चरणबद्घ तरीके से शामिल हो रही हैं।
सोमवार से ऑप्टोमैट्रिक्स एसोसिएशन भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। इनके शामिल होते ही सरकारी अस्पतालों में आंखों की जांच का काम ठप हो जाएगा। 19 नवंबर से अस्पतालों में ओपीडी के पर्चे कटने बंद हो जाएंगे।
हड़ताल की अगुवाई कर रहे राज्य कर्मचारी अधिकार मंच ने शुक्रवार को कर्मचारी नेताओं की एक बैठक की। इसमें करीब 150 से अधिक नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें तय किया गया कि राज्य कर्मचारी अब चुनाव ड्यूटी भी नहीं करेंगे।
कई कर्मचारियों की बीएलओ व पंचायत उप चुनाव में ड्यूटी लगी है। इसका भी कर्मचारी बहिष्कार करेंगे। 19 नवंबर से नर्सेज एसोसिएशन भी एक शिफ्ट में काम नहीं करेंगी। नर्सों की अस्पतालों में तीन शिफ्टें लगती हैं।
इसके बाद 20 नवंबर से लैब टेक्नीशियन भी हड़ताल में पूरी तरह शामिल हो जाएंगे। इनके आने से अस्पतालों में पैथालॉजी की जांचें भी ठप हो जाएंगी।
रैली निकालकर होगा प्रदर्शन
19 नवंबर से जननी सुरक्षा योजना के चेक भी नहीं बनाए जाएंगे। यानी इसके लाभार्थियों को भी इस योजना के चेक नहीं मिल पाएंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि बुधवार 19 नवंबर को ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर रैली निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा।
24 नवंबर को पल्स पोलियो अभियान का भी कर्मचारी बहिष्कार करेंगे। इस अभियान में कोई भी कर्मचारी भाग नहीं लेंगे। इस बैठक में यह भी तय किया गया कि कर्मचारी नेता हर दिन किसी न किसी बड़े ऑफिस में एकत्र होंगे।
इसी के तहत 18 नवंबर को जवाहर भवन में राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के नेता पहुंचेंगे। इसके बाद विकास भवन व शिक्षा भवन में नेता एकत्र होकर हड़ताल व्यापक बनाने के लिए चर्चा करेंगे।