मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए प्रचार में अनाप-शनाप खर्च करने वाले प्रत्याशियों पर इस बार प्रशासन सख्ती करेगा। किसी स्टार प्रचारक को बुलाना इस बार प्रत्याशी के लिए महंगा सौदा होगा।
हेलीकॉप्टर से आने का खर्च भी प्रचारक और प्रत्याशी दोनों के हिस्से में आधा-आधा जोड़ा जाएगा। यह जानकारी शनिवार को जिला प्रशासन द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आचार संहिता व चुनाव प्रचार के संबंध में जानकारियां देने के लिए बुलाई गई बैठक में दी गई।
प्रशासन की तरफ से उपजिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रशासन अविनाश सिंह व सीटीओ संजय सिंह ने बताया कि आयोग ने चुनावी रैलियों और सभाओं के लिए मौजूदा प्रावधान को और सख्त बनाया है।
अब बड़ी रैलियों में शामिल होने के लिए कोई नेता अगर हेलीकाप्टर से आता है तो एक प्रत्याशी को अधिकतम तीन बार ही किसी हेलीकाप्टर उतारने की अनुमति दी जाएगी।
इनका खर्च भी जुड़ेगा प्रत्याशी के खाते में
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स्टार प्रचारक की रैली या जनसभा में लगे होर्डिंग्स, बैनर व पोस्टर का खर्च भी प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।
साथ ही अगर स्टार प्रचारक द्वारा किसी एक प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित रैली में जिले की अन्य विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों का भी नाम लिया जाता है तो इसे उन प्रत्याशियों का प्रचार मान प्रचारक कर खर्च को आनुपातिक तौर पर प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।
प्रत्याशियों के प्रचार को वाहनों अथवा घरों में लगाए जाने वाले राजनीतिक दलों के झंडे लगाने पर संबंधित गृहस्वामी से लिखित अनुमति लेना भी जरूरी होगा। इनका अनुपालन न करने पर संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज होगा।
इनकी निगरानी में होगा चुनाव प्रचार
एडीएम सिटी पश्चिमी जय शंकर दुबे ने बताया कि चुनाव संबंधी गड़बड़ियों और खर्चों पर नजर रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
इसमें उड़न दस्ता, स्थानीय निगरानी टीम, वीडियो निगरानी टीम, लेखा टीम, सहायक व्यय प्रेक्षक, मीडिया प्रमाणन एवं व्यय अनुवेक्षण टीम शामिल हैं। यह टीम जनपद की सभी नौ विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों के खर्च का लेखा जोखा तैयार करेंगी।
चुनाव प्रचार के लिए ऐसे वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी जिनके वाहन नंबर सामान्य मानक के तहत रजिस्ट्रेशन प्लेट पर दर्ज नहीं पाए जाएंगे। बिना अनुमति चुनाव प्रचार कर रहे वाहन पकड़े जाने पर सीज कर दिए जाएंगे।
आरओ का अनुमति पत्र वाहन में लगाना जरूरी
प्रत्याशी द्वारा प्रचार में लगाए जाने वाले वाहनों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) से अनुमति लेनी होगी। इस पत्र को वाहन के सामने की ओर स्क्रीन पर चस्पा कराना होगा। इस पर होने वाला व्यय प्रत्याशी के खर्च में जुड़ेगा।
यदि किसी पार्टी या प्रत्याशी के साथ कोई ऐसा वाहन प्रचार करते हुए पाया गया, जिस पर प्रत्याशी राजनीतिक दल के झंडे, पोस्टर, बैनर लगे हों, उसे भी उस प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा।
राजनीतिक दल अथवा प्रत्याशी जो भी प्रचार सामग्री छपवाते हैं, उसके सामने के पृष्ठ पर अनिवार्य रूप से प्रकाशक का नाम व पता अंकित करना भी जरूरी होगा।