स्वास्थ्य विभाग में तबादले में लापरवाही का मामला नोटिस के लेनदेन में ही रफा-दफा कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने कुछ चिकित्सकों का गुपचुप तरीके से समायोजन कर लिया। ऐसे में मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। स्वास्थ्य विभाग में तबादले में हुई लापरवाही का मामला खुद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उठाया था। मुख्यमंत्री ने हाई पॉवर कमेटी बनाई। विभाग की ओर से भी अलग-अलग कमेटियां बनाई गईं। जांच में यह खुलासा हुआ कि तबादले में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी की गई है। विभागीय जांच के बाद शासन की ओर से पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वेदब्रत सिंह सहित आधा दर्जन से ज्यादा ऐसे चिकित्साधिकारियों को नोटिस जारी किया गया, जो सेवानिवृत्त हो गए हैं। इसी तरह नर्सिंग संवर्ग में गलत तरीके से स्थानांतरण का मामला खुलने के बाद तबादले निरस्त किए गए और 44 मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को नोटिस जारी किए गए।
इन चिकित्साधिकारियों ने गलती स्वीकार करते हुए इसके लिए तबादला सूची बनाने वाले कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया। ऐसे में महानिदेशालय ने प्रकरण में आदेश जारी करने वालों को जिम्मेदार ठहराते हुए दोबारा सीएमओ व सीएमएस से जवाब तलब किया। करीब दो माह तक नोटिस और जवाब का खेल चलता रहा। स्थानांतरण में हुई लापरवाही के लिए किसी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा कर दिया गया। अभी तक किसी भी चिकित्साधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। महानिदेशक डॉ. लिली सिंह का कहना है कि हर स्थिति से शासन को अवगत कराया गया है। कुछ मामलों में अभी जांच चल रही है।
माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग में समूह ग के गड़बड़ मिले तबादलों के दोषियों पर प्रारंभिक कार्रवाई तो हो गई, लेकिन तबादले अभी तक दुरुस्त नहीं हुए। खुद विभाग द्वारा चिह्नित 30 से अधिक तबादलों की सूची एक महीने से शासन के अनुमोदन का इंतजार कर रही है। वहीं गलत तबादलों के शिकार कर्मचारी भटक रहे हैं। वेतन भी ऐसे कर्मचारियों का फंसा हुआ है। इस पर फिर से जांच के बाद 30 से अधिक तबादले संशोधन के लिए विभाग ने सितंबर माह के पहले हफ्ते में प्रस्तावित किए।
इन संशोधन पर मुख्यमंत्री का अनुमोदन लेना था, इसलिए सूची शासन भेजी गई है। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि बिना मुख्यमंत्री के अनुमोदन के विभाग से तबादले की बात 10 अक्तूबर के शासनादेश में भी नहीं है।