लखनऊ। खदरा के दो निजी अस्पतालों पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। इनमें से केडी अस्पताल बंद मिला तो एमजे अस्पताल में मरीज भर्ती थे। हालांकि, यहां डॉक्टर के बजाय स्टाफ इलाज कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह एमजे अस्पताल पहुंची तो यहां तीन मरीज भर्ती मिले। इलाज के लिए कोई डॉक्टर नहीं था। स्टाफ मरीजों को देख रहा था। गौरतलब है कि इसी अस्प्ताल में बीते वर्ष गोलागंज निवासी मुस्कान के पति को केजीएमयू से शिफ्ट करवाकर भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मुस्कान ने अस्पताल संचालक पर गलत इलाज व वसूली का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच अभी लंबित है। अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज भी नहीं दिए हैं। अस्पताल पर पिछले वर्ष भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा था।
केडी अस्पताल का निरस्त है लाइसेंस
लखीमपुर खीरी निवासी सुरेंद्र सिंह की पत्नी पूनम मौर्य की नौ नवंबर को मौत के मामले में केडी अस्पताल की जांच चल रही है। इसका संचालक फरार है। मामले में मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉ. रमेश को प्राइवेट प्रैक्टिस में निष्कासित किया गया था। सीएमओ की टीम ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर रखा है। तीन माह बाद ही इसकी बिल्डिंग में एसके मेडिसिटी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का बोर्ड लगा दिया गया है। शनिवार को इसकी जांच के लिए सीएमओ की टीम पहुंची। इस दौरान अस्पताल का संचालन होता नहीं मिला। टीम ने बोर्ड हटाने के निर्देश दिए हैं।