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दिल्ली से जुड़े हैं पर्चे आउट कराने वाले गिरोह के तार

Mon, 07 Oct 2013 02:05 AM IST
विष्णु मोहन/लखनऊ
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केंद्रीय सेवाओं की परीक्षा के पर्चे आउट कराके अभ्यर्थियों को पास कराने के रैकेट का यह कोई पहला खुलासा नहीं है। पहले भी ऐसे गिरोह पकड़े जा चुके हैं।
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लेकिन इस बार जो गिरोह पकड़ा गया है उसके मास्टर माइंड दिल्ली में सक्रिय हैं। गिरोह के सरगना दिल्ली में सक्रिय रह कर केंद्रीय सेवाओं की परीक्षा से संबंधित पर्चे आउट कराने में कामयाब हो रहे हैं।

इस सिलसिले में एसटीएफ की एक टीम बागपत रवाना की गई है जहां इस गिरोह के दो प्रमुख सदस्यों अरविंद दलाल उर्फ अरविंद राणा और सुभाष नाम के दो लोगों को दबोचने की कोशिश होगी।
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ये हैं पकड़े एक 'मुन्ना भाईयों' की कहानी

एसटीएफ ने रविवार को कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में लखनऊ में सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, राजाजीपुरम परीक्षा केंद्र से जिस अमित चौहान व राम सुधीर को पकड़ा, वे दोनों ही बागपत के रहने वाले हैं।

इसमें अमित चौहान ने पूछताछ में बताया कि वह पुलिस विभाग में ही तैनात है पर उसके द्वारा दी गई सूचना की पुष्टि नहीं हो सकी।

एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस गिरोह के बारे में दिन में दस बजे सूचना मिली थी, जिसके फौरन बाद यह गिरफ्तारी की गई। सूचना देर से आने की वजह से गाजियाबाद व कुछ अन्य केंद्रों पर गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं हो सकी।

अन्य प्रांतों में भी आउट हुए पर्चे
गिरोह के सदस्यों ने सिर्फ लखनऊ व गाजियाबाद में नहीं, अन्य प्रांतों में भी इस परीक्षा के कुछ केंद्रों पर पर्चे आउट कराए। एसटीएफ ने कर्मचारी चयन आयोग के अधिकारियों को यह सूचना दे दी है कि लखनऊ, गाजियाबाद, हरियाणा, दिल्ली आदि में पर्चे आउट कराने की जानकारी सामने आई है।

पिछली बार के गिरोह से जुड़े हैं तार
अभी तक की पड़ताल में पता चला है कि इस बार सामने आया गिरोह उसी गिरोह से जुड़ा है, जिसके 14 सदस्यों को पिछले साल 29 जुलाई को पकड़ा गया था।

तब लखनऊ से आठ व गाजियाबाद से छह लोग एसटीएफ की गिरफ्त में आए थे। इस बार दो पकड़े गए हैं और कुछ नए नाम सामने आए हैं।

बागपत में दीपशिखा नाम की जिस कोचिंग सेंटर के जरिए अभ्यर्थियों को पास कराने का करार किया गया था उसके संचालकों के अलावा अन्य लोगों को चिह्नित कर लिया गया है।

एसटीएफ सूत्र बताते हैं कि दीपशिखा कोचिंग सेंटर के तार उसी कोचिंग सेंटर से जुड़े पाए गए हैं, जिसके सदस्य पिछली बार पकड़े गए थे।

पिछली बार भी यह बात सामने आई थी कि कर्मचारी चयन आयोग के एक लिपिक से मिलीभगत होने की वजह से ही पर्चे आउट हो सके थे। इस बार भी ऐसा ही हुआ।

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि पिछली बार जिस लिपिक के मिले होने की जानकारी मिली थी, उसके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई होने की सूचना उनके पास नहीं है।

इस बार भी पांच लाख की वसूली
पिछली बार की तरह इस बार भी पांच लाख और इससे अधिक की रकम वसूली जा रही थी। जिनसे सौदा पट रहा था, गिरोह उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र अपने पास रख लेता था।

भुगतान पूरा हो जाने के बाद प्रमाण पत्र वापस किए जाते थे। गिरफ्तार लोगों ने एसटीएफ अधिकारियों को बताया कि कस्बा-बड़ौत, जनपद-बागपत में दीपशिखा कोचिंग सेंटर में सुभाष व अरविन्द राणा उर्फ अरविंद दलाल नामक व्यक्तियों ने उनसे सम्पर्क किया था।
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उनके द्वारा एक फोन नम्बर उपलब्ध कराया गया था, जिस पर उन्हें परीक्षा शीट का कोड एसएमएस के माध्यम से भेजना था। एसएमएस भेजने के बाद वहां से प्रश्नों के उत्तर क्रमवार कोड के रूप में एसएमएस से वापस भेजे गए थे।

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