धरने पर बैठे पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट (कुश्ती महासंघ में धरने पर बैठे खिलाड़ी।))
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भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगना कोई नया मामला नही हैं। इससे पहले भी खेल संघों के पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों पर इस तरह के तमाम आरोप लग चुके हैं। इसमें से तमाम घटनाएं लखनऊ में घटित हुईं। इन आरोपों के चलते खेल संघ के पदाधिकारियों को जेल हवा तक खानी पड़ी। तमाम अन्य मामलों में खिलाड़ियों को खामियाजा भुगतना पड़ा और उन्हें समय से पहले ही अपने कॅरिअर को अलविदा कहना पड़ा।
यह हुए हैं मामले
1. वर्ष 2003 में महिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव पर भी महिला क्रिकेटरों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था।
2. वर्ष 2005 में केडी सिंह बाबू स्टेडियम में एक प्रतियोगिता के दौरान एक महिला खिलाड़ी ने प्रशिक्षक पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। महिला खिलाड़ी का आरोप था कि वह जब वह बाबू स्टेडियम की डारमेट्री में आराम कर रही थी, तब उसके प्रशिक्षक ने उस पर से चादर खींच ली और अश्लील हरकतें करने लगा।
3. वर्ष 2015 में उत्तर प्रदेश बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव और उनके बेटे पर खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण के आरोप लगे। इसमें दोनों को जेल भी जाना पड़ा। दरअसल, गोमती नगर स्थित बाबू बनादसी दास बैडमिंटन अकादमी में वर्ष 2015 में एक साथ कई महिला खिलाड़ियों ने उस समय के बैडमिंटन संघ के सचिव और उनके पुत्र पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। खिलाड़ियों ने बताया कि रात में वह कार्यालय में खिलाड़ियों को बुलाते थे।
4. वर्ष 2017 में केडी सिंह बाबू स्टेडियम में एथलेटिक्स के एक प्रशिक्षक पर महिला एथलीट ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
5. हाल ही में उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव पर भी एक महिला हैंडबॉल खिलाड़ी ने यौन शोषण का आरोप लगाया। हजरतगंज थाने में इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।