सरकार ने खेल निदेशक शैलेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है।
शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है।
यह जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बुधवार को यहां बताया कि खेल निदेशक द्वारा प्रदेश में खेलकूद के विकास संबंधी क्त्रिस्याकलापों में व्यवधान पैदा किया जा रहा था।
उनके द्वारा सैफई स्वीमिंग पूल के पुनरीक्षित इस्टीमेट को अपने स्तर पर दो माह तक रोके रखा गया।
शासन द्वारा निर्देशों के बाद इस्टीमेट उपलब्ध कराया गया तथा विलंब का कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया।
धनराशि उपलब्ध नहीं कराई
प्रवक्ता ने बताया कि शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत किए जाने के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं को तत्काल धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई। कार्यदायी संस्था को विलंब से पैसा उपलब्ध कराया गया। ऐसा बार-बार कहने के बाद किया गया।
यही नहीं वित्तीय वर्ष 2013-14 में खेल एवं खेल से संबंधित क्त्रिस्याकलापों को प्रोत्साहन देने के लिए बजट में प्राविधानित पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी शासन को उपलब्ध नहीं कराया गया।
इसके अलावा केंद्रीय क्त्रस्य नीति के संबंध में शासन के निर्णय की प्रतीक्षा किए बिना ही जनपद में हो रहे निर्माण कार्य एवं फर्नीचर आदि के लिए कार्यदायी संस्थाओं को आदेश जारी कर दिए गए।
निदेशक की ओर से शासन को समय से वांछित सूचनाएं नहीं उपलब्ध कराई जा रही थीं जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे।
इसके मद्देनजर शैलेश कुमार सिंह को अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।