विशेष ट्रेन से अयोध्या पहुंचे शिवसैनिक
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श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए शुरू हुए आंदोलन को लेकर विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस, शिवसेना के साथ ही आमजन में भी उत्साह है। विश्व हिंदू परिषद ने रविवार को बड़े भक्त माल की बगिया में विराट धर्मसभा का आयोजन किया है जिसमें करीब दो दो लाख रामभक्तों को जुटाने का लक्ष्य है। जबकि इसके पहले शनिवार यानि आज लक्ष्मण किला में शिवसेना 1100 संतों को सम्मानित करने जा रही है।
अयोध्या में बढ़ रही रामभक्तों की भीड़ के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा तैनात है। प्रशासन सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रहा है। शिवसैनिकों की बढ़ती चहल-पहल को देखते हुए प्रशासने रामजन्मभूमि मार्ग पर प्रवेश रोकने के साथ ही हनुमान गढ़ी का रास्ता भी बंद कर दिया है। उद्धव ठाकरे हवाई पट्टी से लक्ष्मण किला में आयोजित आशीर्वाद समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह को संबोधित करने के बाद शाम को 6:00 बजे मां सरयू की आरती करेंगे।
31 अक्टूबर और 2 नवंबर 1990 के बाद बाबरी ढांचा ढहाने की तिथि 6 दिसंबर 1992 के बाद अयोध्या फिर परीक्षा देने को तैयार है।
मुंबई से शिव सैनिकों को लेकर विशेष ट्रेन शुक्रवार रात करीब 10:07 बजे अयोध्या पहुंची। 22 बोगी की ट्रेन से 2900 शिवसैनिक अयोध्या पहुंचे हैं। सभी मुंबई के ठाणे के बताए जा रहे हैं। शिवसैनिकों के ट्रेन से उतरते ही पूरा स्टेशन परिसर जय शिवाजी-जय भवानी के नारों से गूंज उठा। इन शिवसैनिकों का कहना था कि हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जगाने आए हैं। मोदी ने अगर जल्दी मंदिर निर्माण को लेकर कोई फैसला नहीं लिया तो शिवसैनिक राम मंदिर का निर्माण करने में खुद सक्ष्म हैं। इस ट्रेन पहुंचने के कुछ ही देर बाद महाराष्ट्र के पीडब्ल्यूडी मंत्री एकनाथ शिंदे स्टेशन पर पहुंचे और शिवसैनिकों से रुकने आदि की व्यवस्था को लेकर चर्चा की। ट्रेन में ज्यादातर संख्या में साधु-संत थे जो लगातार जय श्रीराम का जयघोष कर रहे थे। शिवसैनिकों से भरी दूसरी ट्रेन शनिवार सुबह 7.15 बजे पहुंची।
वहीं संघ व विहिप ने धर्मसभा को ऐतिहासिक बनाने में पूरी ताकत झोंक दी है। सभा में करीब दो लाख रामभक्तों को जुटाने का लक्ष्य है। इसको लेकर विहिप व संघ सहित भाजपा की टीम पूरी ताकत से जुटी है। धर्मसभा के लिए नौ लाख 60 हजार वर्ग फीट का मैदान तैयार है।
आठ लाख वर्गफीट में रामभक्तों का जमावड़ा होगा तो वहीं एक लाख 60 हजार वर्गफीट में मंच, सुरक्षा घेरा और रास्ता बनाने की मैपिंग प्रशासन व खुफिया विभाग की टीमों ने की है। रामभक्तों के लिए भोजन व प्रवास की व्यवस्था की जा रही है। ढाई लाख लंच पैकेट तैयार किए जा रहे हैं, 13 स्थानों पर पार्किंग के साथ, धर्मसभा में पांच द्वार बनाए गए हैं।
धर्मसभा की व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाने में विहिप सहित प्रशासनिक टीम पूरी तत्परता से जुटी हुई है। 9 लाख 60 हजार वर्गफीट में विहिप की धर्मसभा होने जा रही है, जिसमें करीब दो लाख रामभक्तों का जमावड़ा हो सकता है।
1 लाख 60 हजार वर्ग फीट में मंच सुरक्षा घेरा और रास्ता बनाने की मैपिंग की जा चुकी है। संतों, रामभक्तों के लिए अलग से मंच बनाए जा रहे हैं। 75 फीट लंबा व 35 फीट चौड़े मंच पर 200 संतों के बैठने की व्यवस्था होगी।
धर्मसभा की तैयारियों की मॉनीटरिंग संघ एवं विहिप के प्रमुख पदाधिकारी खुद कर रहे हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय सुबह से लेकर शाम तक धर्मसभा स्थल पर ही डटे रहते हैं, और तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। चंपत राय ने कहा कि धर्मसभा सरकार व न्यायालय को जगाने का काम करेगी।
धर्मसभा स्थल को इस तरह सजाने की तैयारी है कि युवाओं को राम मंदिर आंदोलन के इतिहास से परिचित कराए जा सके। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि धर्मसभा स्थल को चारों तरफ से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े पोस्टर, बैनर और चित्रों से सजाया जाएगा। यह पोस्टर, बैनर, चित्र जहां राम मंदिर निर्माण के लिए जन जागरण करेंगे तो वहीं युवा पीढ़ी को राम मंदिर आंदोलन से परिचित भी कराएंगे।
राममंदिर के लिए विधेयक लाओ-कानून बनाओ की होगी मांग: शरद शर्मा
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि धर्मसभा राम मंदिर के लिए पुनर्जागरण का काम करेगी, धर्मसभा के बाद राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा इसमें कोई शक नहीं है। देश के विभिन्न प्रांतों, जिलों से धर्मसभा में जुटने जा रहे संत-धर्माचार्यों सहित रामभक्तों की एक ही मांग होगी, राम मंदिर के लिए विधेयक लाओ, कानून बनाओ।