गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को कासगंज में हुई हिंसा को लेकर शुक्रवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के जरिये इस मुद्दे को उठाते हुए सदन में इस पर चर्चा कराने की मांग की जबकि सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया।
इस मुद्दे पर सपा के सदस्यों ने वेल में आकर हंगामा भी किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही एक घंटे 25 मिनट तक स्थगित रही। विधान परिषद में भी सपा सदस्यों ने कार्यवाही ठप की। कासगंज हिंसा की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की विपक्ष की मांग को खारिज करते हुए सरकार ने विधानसभा में विशेष जांच दल (एसआईटी) से इसकी जांच कराने की घोषणा की।
इससे असंतुष्ट सपा, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया। बाद में विपक्ष की गैरमौजूदगी में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और एजेंडे के अन्य बिंदुओं को निपटाया गया।
सवेरे 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने कासगंज हिंसा पर चर्चा की मांग की। अध्यक्ष ने प्रश्न प्रहर के बाद इस मामले पर दी गई नोटिस पर सुनने का आश्वासन दिया तो सदस्य मान गए।