महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरे सूबे में एक लाख विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) की भर्ती होगी। यह एसपीओ महिला होंगी जो अवैतनिक काम करेंगी। इन्हें पावर एंजिल नाम दिया जाएगा। पावर एंजिल के चयन के लिए पुलिस विभाग कॉलेजों में विशेष अभियान चलाएगा।
आईजी नवनीत सिकेरा के मुताबिक प्रदेश सरकार से इसकी हरी मिल चुकी है। चयन प्रक्रिया शुरू करने से पहले जरूरी फॉर्म और लोगो को भी फाइनल किया जा चुका है।
हमसफर संस्था के ‘बेटी की उड़ान’ अभियान के लॉन्चिंग कार्यक्रम में आईजी सिकेरा बोल रहे थे। उन्होंने कहा, पावर एंजिल को पुलिस की तरह दिखने वाले आईकार्ड भी दिए जाएंगे। यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू होगी।
जो लड़कियां एसपीओ बनना चाहें, वे अपने कॉलेज प्रशासन से फॉर्म लेकर भर सकती हैं। यह फॉर्म सीधे कॉलेज प्रशासन को उपलब्ध करा दिए जाएंगे। यह प्रक्रिया जल्दी ही शुरू कर दी जाएगी।
क्या है पावर एंजिल
2013 में कॉलेज में पढ़ रही छात्राओं को प्रशिक्षण देकर लखनऊ पुलिस ने उन्हें छेड़खानी या महिलाओं के शोषण के मामलों की निगरानी के लिए तैयार किया था। यह पावर एंजिल अपने साथ की लड़कियों की काउंसलिंग के अलावा उन्हें पुलिस में शिकायत करने के लिए तैयार करती थीं। अब इसे व्यापक रूप दिया जाएगा।
ये काम करेंगी पावर एंजिल
एसपीओ के रूप में चयनित लड़कियां छेड़खानी और शोषण के मामलों में आवाज उठाने का काम करेंगी। अपने आस-पास ऐसे मामलों में वे पुलिस की मदद से पीड़ित को न्याय दिलाने का काम करेंगी।
इन पावर एंजिल को प्रशिक्षण देने और उनकी शिकायतों के निपटारे का काम 1090 वीमेन पावरलाइन के माध्यम से होगा। स्थानीय थाने उनकी बात को टरकाएं नहीं इसलिए उन्हें आईकार्ड मुहैया कराया जाएगा।
बसों और ऑटोरिक्शा पर चिपकाए जा रहे हेल्पलाइन नंबर
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रबंध निदेशक यूपीएसआरटीसी मुकेश मेश्राम ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन को सभी बसों की सीट और ऑटोरिक्शा पर चिपकाने का काम विभाग कर रहा है।
विभाग की पत्रिका यात्रा दर्पण में भी महिला सुरक्षा से जुड़े लेख शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने लड़कियों को अच्छी शिक्षा, आर्थिक अधिकार दिलाए जाने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, मेरी कोशिश है कि आने वाले समय में भाई, पिता या पति का सहारा महिलाओं को यात्रा के लिए नहीं लेना पड़े। कार्यक्रम में सोशल एक्टिविस्ट माधवी कुकरेजा, अरूंधति धुरू मौजूद रहीं।
पूरे साल चलेगा अभियान
‘बेटी की उड़ान’ अभियान के तहत हमसफर संस्था परिवहन विभाग के साथ मिलकर पूरे साल जागरूकता कार्यक्रम चलाएगी। इसमें राजधानी के करीब 25 शैक्षिक संस्थान के साथ महिला सुरक्षा के उपायों पर काम के अलावा मौजूदा व्यवस्था की निगरानी भी रहेगी।