श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में श्रमिकों के पंजीयन व नवीनीकरण की खराब प्रगति पर श्रम मंत्री एवं सेवा योजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज तीन माह बचे हैं और अब तक निर्धारित लक्ष्य 24 लाख 82 हजार 427 के सापेक्ष महज 18 लाख 80 हजार 386 (75.75 प्रतिशत) श्रमिकों का पंजीकरण हो पाया है। वहीं, निर्धारित लक्ष्य 34 लाख 64 हजार 841 के सापेक्ष मात्र 7 लाख 84 हजार 923 (22.65 प्रतिशत) श्रमिकों का ही नवीनीकरण किया गया है। जो काफी निराशाजनक है। इससे स्पष्ट है कि श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर अधिकारियों की मंशा ठीक नहीं है।
मौर्य ने पंजीयन कार्य में सुस्ती पर गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, अलीगढ़, बांदा, आगरा, बुलंदशहर, कासगंज, हरदोई, लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, भदोही व उन्नाव के अधिकारियों को फटकार लगाई और प्रगति सुधारने के निर्देश दिए हैं। इन जिलों में अधिकारियों की कार्य संस्कृति को सरकार के मंशा के मुताबिक न बताते हुए उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्रम मंत्री ने अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण व नवीनीकरण कराने के साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण बदली परिस्थितियों के मद्देनजर श्रमिकों को श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण शुल्क में 31 मार्च तक छूट दी गई है। लिहाजा इस अवधि में सभी जिलों में लक्ष्य के मुताबिक श्रमिकों का पंजीयन व नवीनीकरण कराया जाए।