कारागार मंत्री बीएस रामूवालिया ने जेलों में गौरैया पालन पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि गौरैया घरेलू चिड़िया है और उसकी मौजूदगी से माहौल बदलेगा।
मंत्री ने सूबे की जेलों में गौरैया की संख्या को एक लाख से अधिक किए जाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि अब कच्चे मकान, झोपड़ी और छप्परों के प्राकृतिक आवास गायब हो रहे हैं।
कंक्रीट के भवन पक्षियों के लिए कातिल साबित हो रहे हैं। इसी कारण गौरैया की जनसंख्या में भारी गिरावट हुई है। मोबाइल टॉवर्स भी गौरैया के लिए घातक सिद्ध हुए हैं।