राजधानी लखनऊ में सोमवार की दोपहर हजरतगंज चौराहे पर सपा कार्यकर्ताओं ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की आत्महत्या से नाराज होकर यह प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने संजय निषाद के खिलाफ नारेबाजी कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता दोपहर में हजरतगंज चौराहे पहुंचे। यहां उन्होंने संजय निषाद का पुतला फूंका। चौराहे पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे समाजवादी छात्र सभा के राज साहनी, लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र अजीत सिंह, गाजीपुर से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी ओम प्रकाश सिंह ने धर्मात्मा निषाद की मौत के लिए संजय निषाद और उनके परिवारवालों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि धर्मात्मा निषाद ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि हमें बहुत बुरी तरीके से प्रताड़ित किया गया। संजय निषाद , प्रवीण निषाद और इंजीनियर श्रवण निषाद ने हमारा शोषण किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मात्मा निषाद ने फेसबुक पर लिखकर सार्वजनिक लोगों को बताया। इसके बाद आत्महत्या किया। उन्होंने मंत्री संजय निषाद को जेल भेजने की मांग की।
साथ ही आत्महत्या की जांच करके दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी। कहा कि श्रवण कुमार वर्तमान में विधायक भी हैं। उनके कारण नौजवान ने आत्महत्या की। निषाद समाज की लड़ाई लड़ने वाले नौजवान की आवाज खामोश हो गई। कहा कि सरकार पिछड़ा और लोकतंत्र विरोधी है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी देर तक धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक गाड़ी में बैठाकर हिरासत में लिया।