महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं थम नहीं रही है। भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड टूट रहा है। जनता में भारी आक्रोश है। इन्हीं मुद्दों को लेकर अखिलेश यादव ने 10 सितंबर 2018 को धरना-प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। धरना-प्रदर्शन के चलते सपा की जिला एवं महानगर अध्यक्षों तथा महासचिवों की पार्टी मुख्यालय में होने वाली बैठक निरस्त कर दी गई है।