सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि पिछले आठ महीनों से सामाजिक समरसता को तोड़ने वाली गतिविधियों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।
केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही धर्मांतरण, घर वापसी, लव जेहाद, दस बच्चे पैदा करने की अपील, नाथूराम गोडसे की मेरठ में मूर्ति लगाने, हरियाणा में उनके नाम पर पुल का नामकरण करने के पीछे आरएसएस और उसके सहयोगी संगठन रहे हैं। दिल्ली में कई गिरजाघरों पर हमले भी इसी कड़ी में हुए हैं।
चौधरी ने कहा, देश में राष्ट्रीय एकता का मूल आधार अनेकता में एकता और सभी धर्मों और वर्गों के बीच सहयोग एवं सामंजस्य की भूमिका रही है। यहां बहुधर्मी, बहुसंस्कृति और बहुभाषी लोग रहते हैं।
संविधान सबको अपने धार्मिक विश्वासों के साथ जीने का हक देता है। इस समय देश में सांप्रदायिक सद्भाव नष्ट करने और सामाजिक तानाबाना तोड़ने का प्रयास हो रहा है। इससे विदेशों में भी देश की छवि खराब हो रही है।