विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ अखिलेश यादव
- फोटो : सोशल मीडिया
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में विपक्षी समावेश गठबंधन ‘इंडिया’ के एजेंडे की छाप दिखेगी। सपा के विधायक मणिपुर की घटना पर निंदा प्रस्ताव लाने की पुरजोर मांग करेंगे। इस पर हंगामा होना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही मुख्य विपक्षी पार्टी टमाटर, महंगाई, सड़कों पर सांड और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।
सपा मुख्यालय पर रविवार को हुई विधानमंडल दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सभी विधायकों को पार्टी की रणनीति समझाई। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य, माता प्रसाद पांडेय, लालजी वर्मा, राम अचल राजभर समेत विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों ने हिस्सा लिया। दो घंटे तक चली बैठक में विधायकों की ओर से बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बिजली संकट, प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था, किसानों की समस्या, सूखा, खाद की कमी, गन्ना मूल्य का बकाया, बुलडोजर और सांडों के आतंक की समस्या को रखा गया। विधायकों ने कहा कि इन समस्याओं को सदन में प्रमुखता से उठाया जाना चाहिए, ताकि आम जनता की आवाज को बुलंद किया जा सके।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में ये तय हुआ कि सोमवार को दोनों सदनों में मणिपुर हिंसा की घटना को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को इस घटना से जोड़ते हुए ध्यान आकर्षित किया जाएगा। पार्टी के विधायक सदन में मणिपुर की घटना पर निंदा प्रस्ताव पास करने और इसे केंद्र को भेजने का दबाव बनाएंगे। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराहट तय मानी जा रही है।