फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधान परिषद: इस रणनीति से भाजपा को झटका देंगे मुलायम

Sat, 27 Dec 2014 01:20 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
विधान परिषद प्रत्याशी के चयन में समाजवादी पार्टी पिछड़ों को सबसे ज्यादा तरजीह देगी। परिषद की जो 12 सीटें खाली हो रही हैं, उनमें सात पर सपा के प्रत्याशी आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं।
विज्ञापन


इनमें तीन या चार उम्मीदवार पिछड़े-अति पिछड़े वर्ग से हो सकते हैं। एक-दो मुस्लिमों को भी मैदान में उतारा जा सकता है। चुनाव प्रक्रिया जनवरी के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है।

विधान परिषद के अगले महीने प्रस्तावित चुनाव में सबसे ज्यादा घाटा बसपा को और सबसे ज्यादा फायदा सपा को होने जा रहा है। बसपा के सात सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। वर्तमान में विधानसभा में बसपा के 80 सदस्य हैं।
विज्ञापन


इस नाते उसके सिर्फ दो सदस्यों का चुना जाना तय है। बसपा तीसरा उम्मीदवार उतारेगी या नहीं, अभी तय नहीं है। इसके विपरीत सपा सात प्रत्याशियों को आसानी से जिता सकती है। आठवें प्रत्याशी को जोड़-तोड़ से उतारा जा सकता है।

भाजपा के कारण ये कदम उठाएगी सपा

भाजपा का एक सदस्य चुना जाएगा जबकि कांग्रेस को एक उम्मीदवार जिताने के लिए रालोद, सपा या बसपा की मदद लेनी पड़ेगी। सपा से विधान परिषद पहुंचने की चाहत रखने वालों की लंबी लाइन है।

सपा का वोट बैंक पिछड़े और मुसलमान हैं इसलिए इन दोनों वर्गों के प्रत्याशियों को तरजीह दिए जाने की संभावना है। पिछड़ों के प्रति भाजपा प्रेम को देखते हुए सपा पिछड़ों को जरूर लुभाना चाहेगी।

सपा के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, डॉ. सरोजिनी अग्रवाल और रमेश यादव का कार्यकाल पूरा हो रहा है। डॉ. अहमद हसन फिलहाल विधान परिषद में सपा विधायक दल के नेता हैं। उनका दोबारा चुना जाना लगभग तय है।

डॉ. सरोजिनी और रमेश यादव भी फिर से विधानमंडल के उच्च सदन में पहुंचने की दावेदारी जता रहे हैं। वहीं डॉ. उमाशंकर यादव, रामवृक्ष यादव, राजपाल कश्यप, संजय लाठर, लौटनराम निषाद, सुनील यादव, साहब सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा युवा नेता आनंद भदौरिया व उज्ज्वल रमण सिंह के साथ पूर्व मंत्री अशोक वाजपेयी के नामों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
विज्ञापन

मुस्लिम चेहरों पर भी लगा सकती है दांव

मुस्लिम चेहरों में अहमद हसन के अलावा जावेद आब्दी, आशु मलिक के नाम लिए जा रहे हैं। सपा एक महिला को भी विधान परिषद भेज सकती है। सपा महिला सभा की अध्यक्ष रंजना वाजपेयी समेत कई महिला नेत्री टिकट की लाइन में हैं।

वैश्य समाज से संजय गर्ग, सुरेंद्र मोहन अग्रवाल और गोपाल अग्रवाल दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी के कुछ पुराने दिग्गज भी टिकट का दावा ठोक रहे हैं।

लोकसभा चुनाव हारे या दर्जाधारी मंत्री के ओहदे पर रहे कुछ सपा नेता भी टिकट की लाइन में बताए जा रहे हैं। ऐसी संभावना है कि सपा जल्दी ही प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दे देगी।

कांग्रेस-रालोद पर नजर
विधान सभा में कांग्रेस के 28 और राष्ट्रीय लोकदल के आठ सदस्य हैं। दोनों दल मिलकर एक विधान परिषद सदस्य जिता सकते हैं। कांग्रेस से टिकट के कई दावेदार हैं। प्रदेश के नेताओं का कहना है कि प्रत्याशी के बारे में पार्टी जल्द फैसला लेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें