आप की पहल पर पहले दिल्ली फिर कांग्रेस शासित हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद अब उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में कमी की मांग जोर पकड़ने लगी है।
यूपी में अब सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की तरफ से बिजली की दरों में कमी की मांग उठी है।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं लखनऊ से लोकसभा उम्मीदवार डॉ. अशोक बाजपेयी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजकर 250 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करने वाले गरीब उपभोक्ताओं की बिजली दरें कम करने की वकालत की है।
उपभोक्ता संगठनों और राजनीतिक दलों के साथ-साथ पार्टी के भी मैदान में आ जाने से सरकार पर बिजली दरों में कमी का दवाब और बढ़ गया है।
दिल्ली में सत्ता संभालने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से बिजली की दरों में कमी की पहल का असर यूपी समेत दूसरे प्रदेशों पर भी दिखाई देने लगा है।
हरियाणा की हुड्डा सरकार के बाद सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने भी बिजली दरों में 20 फीसदी कमी का ऐलान कर दिया।
महाराष्ट्र में कांग्रेस के सांसद संजय निरुपम और प्रिया दत्त अपनी ही पार्टी की सरकार पर इसके लिए दबाव बनाए हुए थे।
सपा के वरिष्ठ नेता अशोक बाजपेयी ने भी मंगलवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि जिन उपभोक्ताओं की खपत कम है उनकी बिजली दरों में कमी की जाए।
उन्होंने खास तौर पर 250 यूनिट प्रतिमाह तक की खपत वाले उपभोक्ताओं को गरीब की श्रेणी में मानते हुए दरें कम करने की वकालत की है।