सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरएसएस प्रमुख भागवत के बयान पर ट्वीट किया। लिखा कि भागवत ने धर्म की आड़ में महिलाओं, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों को अपशब्द कहने वाले तथाकथित धर्म के ठेकेदारों की कलई खोल दी है।
समाजवादी पार्टी केराष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट कर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि भगवान के सामने तो स्पष्ट कर रहे हैं। कृपया इसमें यह भी स्पष्ट कर दिया जाए कि इंसान के सामने जाति -वर्ण को लेकर क्या वस्तु स्थिति है?
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इस ट्वीट के बाद सपा समर्थक सोशल मीडिया पर अलग- अलग बयान जारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ पार्टी कार्यालय से सपा अध्यक्ष के जारी बयान में भाजपा सरकार पर लगातार पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा का आरोप लगाया गया है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार साजिश के तहत पिछड़ों, दलितों के आरक्षित पद खत्म कर रही है। आरक्षण को खत्म करने के लिए रणनीति के तहत निजीकरण को बढ़ाया दिया जा रहा है। सरकारी विभागों में जो नौकरियां और भर्तियां निकलती है उनमें भी पिछड़ों और दलितों की कोई न कोई कारण बताकर भर्ती नही की जा रही है। बाद में सरकार इन खाली पदों पर अपने चहेतां की भर्तियां कर लेती है।
पीजीआई की भर्ती का मामला उठाया
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एसजीपीजीआई में हो रही भर्ती के मामले में जारी बयान मेंकहा कि एसजीपीजीआई में आरक्षण के नियमों को दर किनार कर अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों को खाली छोड़ दिया गया। प्रदेश में विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति में भी दलितों, पिछड़ों की उपेक्षा की गई है। 69 हजार शिक्षक भर्ती में बडे़ पैमाने पर अनियमितता हुई। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों और दलितों को हक दिलाने के लिए लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग करती आ रही है। लेकिन भाजपा सरकार जातीय जनगणना का विरोध कर रही है। भाजपा जातीय जनगणना से डरती है।
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केंद्र सरकार से कह कर शब्द हटवाएं : मौर्य
सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरएसएस प्रमुख भागवत के बयान पर ट्वीट किया। लिखा कि भागवत ने धर्म की आड़ में महिलाओं, आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों को अपशब्द कहने वाले तथाकथित धर्म के ठेकेदारों की कलई खोल दी है। कम से कम अब रामचरित मानस से आपत्तिजनक टिप्पणी हटाने के लिए आगे आएं। यदि यह बयान मजबूरी का नहीं है तो साहस दिखाते हुए केंद्र सरकार को कह कर रामचरित मानस के शब्दों को हटवाएं। मात्र बयान देकर लीपापोती करने से बात बनने वाली नहीं है।