गोमती नगर के खरगापुर में स्थित कैलास विहार कॉलोनी में शनिवार सुबह लखीमपुर की श्रीनगर सीट से सपा विधायक रामसरन ने अपने कारिंदों की मदद से पार्क की बाउंड्री तुड़वा दी। आनन-फानन में वहां निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया।
जिससे आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सपा विधायक पर पार्क पर अवैध कब्जा का आरोप लगाते हुये हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान विधायक के समर्थकों से उनकी जमकर हाथापाई हुई। विरोध के चलते पुलिस को हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य रुकवाना पड़ा। पुलिस ने कोर्ट से स्थायी निपटारा न हो जाने तक यथास्थिति बनाये रखने की हिदायत दी है।
खरगापुर में कैलाश विहार सहकारी आवास समिति ने सरस्वतीपुरम के नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की थी। सोसाइटी की ओर से कॉलोनी वासियों को वर्ष 1992 में एक सार्वजनिक पार्क बनाकर दिया गया था।
इस पार्क का उल्लेख कॉलोनी के लेआउट गुरुकुल विद्यापीठ स्कूल के सामने इस पार्क की जमीन को लेकर बाद में कई विवाद सामने आये। पहले इसे किसान राम औतर के बेटे राम नारायण से मंजरी मिश्रा ने खरीदा था, जिसकी रजिस्ट्री भी वर्ष 2007 में खारिज हो चुकी है।
अवैध कब्जे का है मामला
24 फरवरी 2015 को इस जमीन की रजिस्ट्री बिंद्रेश्वरी देवी नाम की एक महिला से लखीमपुर खीरी के गोला गोकरन नाथ में रमवापुर पैला बिझौली निवासी सपा विधायक राम सरन ने अपने नाम करवा ली।
कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि दबंग प्रॉपर्टी डीलर नसीर खान, सीबीसीआईडी में तैनात पुलिस कर्मी रवींद्रनाथ की मिलीभगत से विधायक जबरदस्ती इस पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी नीयत से शनिवार सुबह विधायक राम सरन कई लग्जरी गाड़ियों में सवार अपने 12 से 15 समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने पार्क की बाउंड्री तुड़वानी शुरू कर दी और निर्माण कार्य करवाने लगे।
इस पर जब गुरुकुल विद्यापीठ स्कूल की प्रबंधक चंदना मुखर्जी, पड़ोसी आरके पाल, वीरेंद्र कुमार सिंह, हौसला प्रसाद, मुकेश यादव व अन्य लोगों ने विरोध किया तो वह अभद्रता करने लगे और धमकियां देने लगे।
इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई होने लगी तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों के आक्रोश और विरोध को देखते हुये पुलिस ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
सपा विधायक ने अपनी जमीन होने का ठोका दावा
इसके बाद दोनों पक्षों को गोमतीनगर थाने में आकर जमीन से संबंधिक कागजात दिखाने की बात कही। दोपहर में गोमतीनर थाने में भी विधायक के समर्थक और कालोनी के लोगों के बीच एसओ गोमतीनगर की मौजूदगी में बहस होती रही।
एसओ गोमतीनगर सैयद मोहम्मद अब्बास ने दोनों पक्षों को समझा कर मामला शांत कराया। वहीं सरस्वतीपुरम में गुरुकुल विद्यापीठ की प्रबंधक चंदना मुखर्जी, आर के पाल, वीरेंद्र कुमार आदि ने सपा विधायक राम सरन, प्रॉपर्टी डीलर नसीर खान और सीबीसीआईडी में तैनात पुलिस कर्मचारी रवींद्रनाथ के खिलाफ तहरीर दी है। साथ ही कॉलोनी वासियों की सुरक्षा की भी मांग की है।
मामले पर सपा विधायक राम सरन का कहना है है कि सरस्वतीपुरम में जिस जमीन को लोग सार्वजनिक पार्क बता रहे हैं, वह बिंदेश्वरी देवी की थी। इसे मैने इसी वर्ष फरवरी में खरीदी है। कागजों की जांच-पड़ताल और पैमाइश के बाद खुद अपर जिला मजिस्ट्रेट ने 5 फरवरी को बिंदेश्वरी देवी के पक्ष में रिपोर्ट लगाई है। इस जमीन पर कोई विवाद नहीं है।
मेरे पास इससे जुड़े सभी कागज मौजूद हैं। कॉलोनी के लोगों को कुछ गलतफहमी है, वह दूर हो जाएगी। मैने उन लोगों से भी अपने-अपने कागज प्रस्तुत करने की बात कही है। अगर साबित हो जाएगा कि वह सार्वजनिक पार्क है तो मैं खुद ही कब्जा छोड़ दूंगा।