साढ़े 3 महीने की उठापटक के बाद आखिरकार सीतापुर से सपा विधायक रामपाल यादव के लखनऊ व सीतापुर के अवैध निर्माण बृहस्पतिवार को ढहा दिए गए। राजधानी में भारी बवाल के बीच एलडीए ने सीतापुर के बिसवां से विधायक रामपाल के जियामऊ में निर्माणाधीन अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को गिरा दिया। इसे लेकर विधायक और उनके समर्थकों ने भारी बवाल किया।
ढहाने गई टीम के साथ हाथापाई की। एक पूर्व विधायक के बेटे ने एलडीए के सचिव पर पिस्टल तान दिया। स्थिति काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने रामपाल और उनके समधी पूर्व विधायक राजेंद्र यादव समेत नौ को गिरफ्तार कर लिया।
लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए जिनमें से दो गंभीर बताए जा रहे हैं। वहीं, सीतापुर में अवैध कब्जा कर बनाए गए स्पर्श होटल की बाउंड्रीवाल जिला प्रशासन ने तोड़ दी।
होटल में रामपाल के बेटे व जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र यादव साझीदार हैं। चूंकि होटल में शादी समारोह भी चल रहा था इसलिए लड़की पक्ष के अनुरोध पर होटल नहीं ठहाया गया। बाकी की कार्रवाई शुक्रवार को की जाएगी।
एलडीए की टीम के पास नहीं था ध्वस्त करने का आदेश
राजधानी में एलडीए की टीम बृहस्पतिवार दोपहर ढाई बजे भारी फोर्स के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ढहाने पहुंची। कॉम्प्लेक्स में मौजूद लोगों को बाहर आने की चेतावनी देने के कुछ देर बाद ही जेसीबी लगाकर बिल्डिंग गिराना शुरू कर दिया।
जैसे ही सूचना मिली, करीब चार बजे विधायक रामपाल, पूर्व विधायक राजेंद्र यादव और उनका बेटा जितेंद्र यादव समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। रामपाल ने एलडीए की टीम से कहा कि उनके पास हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर है।
उन्होंने हाईकोर्ट का ध्वस्तीकरण आदेश दिखाने को कहा। हालांकि एलडीए की टीम ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं दिखा पाई।
एलडीए सचिव से गुंडागर्दी, विधायक मारने दौड़े
एलडीए ध्वस्तीकरण का आदेश नहीं दिखा पाई तो विधायक और समर्थक भड़क गए और एलडीए सचिव श्रीश चंद्र वर्मा और अन्य लोगों के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
विधायक ने एलडीए सचिव को मारने के लिए हाथ उठा लिया तो जितेंद्र यादव ने सचिव पर पिस्टल तान दिया। एक विधायक समर्थक ने तो सचिव का गिरेबान तक पकड़ लिया। यह देखते ही पुलिस अफसरों ने जितेंद्र से पिस्टल छीन ली और लाठीचार्ज करके समर्थकों को दौड़ा दिया।
विधायक को पुलिस ने टांगकर जीप में डाला
एसएसपी राजेश पांडेय ने अपने मातहतों को विधायक समेत सभी समर्थकों को जीप में बैठाने का निर्देश दिया। इस पर विधायक और उनके समर्थक सड़क पर ही बैठक गए। क्षेत्रीय इंस्पेक्टर ने विधायक के पास जाकर कहा,‘सर, जीप में बैठिए।’
लेकिन, विधायक ने कहा कि ध्वस्तीकरण का आदेश देखे बिना वे नहीं हिलेंगे। पुलिस ने सख्ती की तो वे जमीन पर लेट गए। तब पुलिस ने उनकी टांग पकड़कर जीप में डाला। एक-दो बार वे जीप से नीचे उतरे, लेकिन अंतत: पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके ले गई।
कार्रवाई शुरू करते ही विधायक समर्थक गुंडई पर उतरे
सपा विधायक रामपाल यादव के अवैध कॉम्प्लेक्स को एलडीए टीम बृहस्पतिवार शाम साढ़े चार बजे ढहाने को आगे बढ़ती है। एसएपी राजेश कुमार की अगुवाई में भारी पुलिसबल के साथ एलडीए का दस्ता अपनी कार्रवाई शुरू करता है। विधायक रामपाल एसएसपी पांडेय से मुखातिब हो देख लेने की धमकी देते हुए कार्रवाई को रुकवाने को कहते हैं।
एसएसपी जवाब देते है कि हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हैं आप एलडीए से बात कीजिए। इस पर विधायक के साथ आए समर्थक एलडीए अफसरों को निशाने पर ले लेते हैं। वीसी सत्येंद्र कुमार से बदसलूकी शुरू हो जाती है। एलडीए वीसी करीब पांच फीट ऊंची रेलिंग लांघकर भागते हैं...।
एलडीए सचिव श्रीशचंद्र वर्मा अपना पक्ष रखने की कोशिश करते हैं। ...पर रामपाल का बेटा जितेंद्र यादव उन पर पिस्टल तान देता है। जान से मारने की धमकी के साथ हाथापाई शुरू हो जाती है। मामला बढ़ते देख पुलिस आगे बढ़ती है। पर उससे भी बदसलूकी...।
आखिर पुलिस को विधायक के समर्थकों और परिवारीजनों पर लाठियां बरसाने को मजबूर होना पड़ता है। लाठियों के बीच जेसीबी आगे बढ़ती है। इधर कॉम्प्लेक्स ढहाना शुरू होता है उधर से जेसीबी पर पत्थर बरसना...।
गुपचुप पहुंची टीम और शुरू कर दिया ढहाना
दोपहर करीब एक बजे एलडीए की टीम बेहद गुपचुप तरीके से अवैध कॉम्प्लेक्स को ढहाने के लिए मौके पर जुटने लगती है। एलडीए वीसी सत्येंद्र कुमार की मौजूदगी में पिलर तोड़ना शुरू हुआ। इसी बीच रामपाल का बेटा पहुंच गया।
बेटे ने एलडीए वीसी को अर्दब में लेते हुए कहा-आने दो विधायकजी को। बदसूलूकी बढ़ी तो वीसी वहां से खिसक लिए। उनका पीछा भी किया गया। एलडीए वीसी के खिसकते ही विधायक और उनके समर्थक पहुंच गए।
रामपाल बोले-कहां है डिमोलिशन ऑर्डर की कॉपी। सचिव श्रीशचंद कॉपी नहीं दिखा पाते...। हाथापाई शुरू हो गई और जितेंद्र यादव ने पिस्टल निकालकर सचिव पर तान देता है...। पुलिस ने आगे बढ़ती है और पिस्टल छीन लेती है...समर्थकों पर लाठी बरसाना शुरू हो जाता है। दो समर्थक युवक घायल हो जाते हैं।
बवाल के बाद पहुंचे एसएसपी, कहा-सबको लो हिरासत में
रामपाल समर्थकों की गुंडागर्दी बढी तो एसएसपी राजेश पांडेय विधायक सहित सभी को हिरासत में लेने को कहते हैं। इस पर पुलिसकर्मी विधायक को जीप में ले जाने के लिए आगे बढ़ते हैं तो रामपाल सड़क पर ही बैठ गए। पुलिस ने जबरन ले जाने की कोशिश की सड़क पर लेट गए।
कहते हैं-ध्वस्तीकरण का आदेश दिखाइए। मेरा आरोप बताइए कि मैंने क्या गुनाह किया जो गिरफ्तार किया जा रहा है? पुलिसकर्मी ने कहा- आपने एक अधिकारी को चांटा मारा है। विधायक इस बात से साफ मुकर गए। कहा-मैंने किसी को नहीं मारा। 20 मिनट तक मशक्कत चलती रही।
दलाल हो सरकार के, इसलिए जबरदस्ती कर रहे
जमीन पर बैठे रामपाल कहते हैं-तुम सब सरकार के दलाल हो। इसलिए जबरदस्ती कर रहे हो। एक पुलिसकर्मी ने कहा-विधायक जी अब जबरदस्ती नहीं कराइए। नहीं तो ठीक हो जाओगे। विधायक बोले- हम तो पहले से ही ठीक हैं। पुलिस ने कहा-खुद चलेंगे या बल प्रयोग करना पड़ेगा। खुद एसएसपी को विधायक को जीप में जबरन बिठवाना पड़ा। इसके बाद ही अपार्टमेंट को तोड़ने केलिए एलडीए की कार्रवाई ठीक से शुरू हो सकी।
किसी आका ने नहीं सुनी
एक तरफ निर्माण ध्वस्त हो रहा था। दूसरी तरफ विधायक और उनके सहयोगी अपने आकाओं को फोन लगाने में भी जुटे रहे। कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। कई बार तो विधायक और उनके सहयोगी आकाओं के फोन नहीं उठने पर झुंझलाते हुए भी दिखाई दिए।
विधायक समेत 9 गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का केस
बृहस्पतिवार रात एलडीए के एई आलोक रंजन ने विधायक रामपाल यादव सहित नौ लोगों के खिलाफ गौतमपल्ली थाना में हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट और आर्म्स एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई है।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपियों में विधायक के अलावा पूर्व विधायक व उनके समधी राजेंद्र यादव, पूर्व विधायक के बेटे जितेंद्र, पुष्पेंद्र, शिवेंद्र, विधायक का ड्राइवर शिवकुमार, तौकीर अहमद, गगन और भारती यादव पुत्री रामदयाल शामिल हैं।
जितेंद्र के पास से लाइसेंसी पिस्टल व चार कारतूस तथा पुष्पेंद्र के पास भी एक पिस्टल व सात कारतूस बरामद हुए हैं। असलहों का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। सभी आरोपियों को पुलिस लाइन में रखा गया है। शुक्रवार सुबह जेल भेज दिया जाएगा।