यूपी के कानपुर में जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ मंदिर के पास रूट डायवर्जन पर रोकने पर कार सवार दो लोगों ने दरोगा देवेंद्र यादव को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और रिवाल्वर छीन लिया। निहत्थे दरोगा को दोनों ने कार में खींचकर अगवा करने की कोशिश की तो अन्य पुलिस वालों ने उन्हें बचाया।
दरोगा को पीटने वाले एक युवक फैजान ने खुद को सपा विधायक हाजी इरफान सोलंकी का भाई बताया, लेकिन सपा विधायक का कहना है कि फैजान उनका भाई नहीं था।
सावन के आखिरी सोमवार पर सिद्धनाथ मंदिर जाने वाले रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई थी। इस दौरान कार सवार दो लोग मंदिर की ओर जाने लगे तो अहिरवां पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा ने उनकी कार रोककर रूट डायवर्जन की जानकारी दी।
दरोगा का आरोप है कि कार से उतरे एक शख्स ने खुद को सपा विधायक का भाई फैजान बताया और बदसुलूकी करते हुए कार से मंदिर की ओर जाने लगे। उन्हें एक बार फिर रोका तो फैजान और उसके साथी उस पर टूट पड़े।
पीटने के बाद उसकी सर्विस रिवाल्वर छीन ली। जबरन कार में डालकर ले जाने की कोशिश की तो दरोगा महेंद्र सिंह,कांस्टेबल प्रबल कुमार और सुशील ने उन्हें बचाया। दरोगा का आरोप है कि साथी पुलिस वालों के आने पर फैजान उन्हें सबक सिखाने की धमकी देकर भाग गया।