हारी हुई सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी सिटिंग सीटों पर प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। विधायकों की परफॉरमेंस और जीतने की क्षमता को टिकट का आधार बनाया जाएगा। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सपा एक चौथाई से ज्यादा विधायकों के टिकट काट देगी।
सपा ने वर्ष 2012 में हारी हुई लगभग 160 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। सपा के इस समय 229 विधायक हैं। इनमें पांच विधायक बागी तेवर अख्तियार किए हुए हैं। इनमें बिसवां (सीतापुर) के रामपाल यादव सपा से निष्कासित किए जा चुके हैं।
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर) के नवाजिश आलम खां, गोपामऊ (हरदोई) के श्याम प्रकाश, बुलंदशहर जिले की डिबाई सीट से विधायक श्रीभगवान उर्फ गुड्डू पंडित और शिकारपुर के मुकेश शर्मा को राज्यसभा व विधान परिषद चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर निलंबित किया गया है।
इनके साथ ही आधा दर्जन और विधायकों की भूमिका इन चुनावों में बहुत अच्छी नहीं रही। वे पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करें, इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को उन्हें बुलाकर समझाना पड़ा। पार्टी से बगावत करने वाले और राज्यसभा-एमएलसी चुनाव में नखरे दिखाने वाले 10-12 विधायकों का पत्ता साफ होना तय माना जा रहा है।