समाजवादी पार्टी पूरी तरह चुनावी रंग में आ गई है। सपा ने 25 नवंबर को प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं को चुनावी निर्देश देने के लिए लखनऊ तलब किया है।
ऐसे नेताओं की तादाद करीब 1250 है। पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनमें जोश भरकर चुनावी जंग में उतारेंगे। इसे मुख्य मुकाबले से पहले वार्मअप के तौर पर देखा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव को लेकर सपा को बड़ी उम्मीदें हैं। पार्टी का मानना है कि उसके प्रदर्शन पर ही दिल्ली की सरकार में सपा की भूमिका तय होगी।
चुनावी नजरिए से तय हो रहे कार्यक्रम
मुलायम सिंह लगातार कह रहे हैं कि केंद्र में तीसरे मोर्चे की सरकार होगी। इसमें सपा सबसे बड़ा घटक होगी। सपा के सभी कार्यक्रम भी चुनावी नजरिये से तय किए जा रहे हैं। सपा मध्य प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली के विधानसभा चुनावों पर भी ध्यान दे रही है, लेकिन उसका असली फोकस उत्तर प्रदेश पर ही है।
अखिलेश 17-18 नवंबर को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहे। उन्होंने सात चुनावी सभाएं की। 19 नवंबर को मुलायम सिंह एमपी जा रहे हैं।
21 नवंबर को सपा के सभी प्रमुख नेता बरेली की महारैली में रहेंगे। 22 नवंबर को लखनऊ में सपा मुख्यालय पर मुलायम सिंह का जन्मदिन भव्य रूप से मनाने की तैयारियां हैं।
24 नवंबर को अखिलेश मेरठ जिले में मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करेंगे। इन कार्यक्रमों से निपटते ही 25 नवंबर को प्रदेश के हर जिले के प्रमुख नेताओं को लखनऊ बुलाया गया है।
इस बैठक में पार्टी प्रमुख लोकसभा चुनाव में गुटबंदी से ऊपर उठने और एकजुट होकर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कहेंगे व मौजूदा राजनीतिक हालात को समझाएंगे।
बरेली की रैली अभूतपूर्व होगी
सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी का दावा है कि बरेली में 21 नवंबर को प्रस्तावित देश बचाओ-देश बनाओ महारैली अभूतपूर्व होगी। सपा के कई सांसद, मंत्री व विधायक रैली की तैयारियों में जुटे हैं। महारैली से देशभर में नया संदेश जाएगा। देश की जनता केंद्र में भाजपा और कांग्रेस दोनों की सरकारें देख चुकी है।
वह अब इन्हें सत्ता से बाहर कर तीसरी ताकत की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। चौधरी ने बताया कि बरेली रैली की व्यापक कवरेज एवं लाइव प्रसारण की व्यवस्थाएं की गई हैं।
इसे यू-ट्यूब व गूगल सहित सपा की वैबसाइट पर लाइव देखा जा सकेगा। लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर सीधा प्रसारण होगा।