फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा के बसपा से हाथ मिलाने की संभावना पर सपा नेता दे रहे सफाई, जानें- क्या बोले

Fri, 10 Mar 2017 02:00 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
विज्ञापन
यूपी में पूर्ण बहुमत न मिलने पर सपा के बसपा से हाथ मिलाने की संभावना पर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। इस पर सपाई जवाब दे रहे हैं।
विज्ञापन


सपा नेता नरेश अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वो भाजपा को यूपी में आने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो बसपा से हाथ मिला लेंगे।

अग्रवाल ने कहा कि अखिलेश ने बसपा या फिर मायावती का नाम नहीं लिया है। इसका उल्टा-सीधा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

गौरतलब है कि पत्रकारों से बातचीत में सीएम अखिलेश ने कहा था कि हम नहीं चाहते कि पूर्ण बहुमत न मिलने पर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगे और भाजपा रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाए। हमें महिलाओं, युवाओं और हर वर्ग ने सहयोग दिया है। हम देखेंगे...।
विज्ञापन


अखिलेश के इस बयान से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है क्योंकि आ रहे एग्जिट पोल में त्रिशंकु विधानसभा के भी आसार जताए जा रहे हैं। ऐसे में कयासों का दौर जारी है कि बहुमत न मिलने पर कौन किसके साथ आ सकता है।
विज्ञापन

कांग्रेस ने कई जगह सपा को हराने की कोशिश की

रविदास मल्होत्रा - फोटो : amar ujala
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कई सपाई पहले भी नहीं सहमत थे, अब भी उन्हें ये कदम सही नहीं लग रहा है। सपा नेता रविदास मल्होत्रा का कहना है कि सपा यूपी में अकेले सरकार बना सकती थी।

उन्हें कांग्रेस से गठबंधन नहीं करना चा‌हिए था। इससे सपा को कोई फायदा नहीं होगा ‌बल्कि सिर्फ कांग्रेस को होगा। यहां तक कि कई सीटों पर कांग्रेस ने ही सपा को हराने का प्रयास किया।

वहीं, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का कहना है कि यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी और अखिलेश फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें