सपा नेता अभी तक लोकसभा चुनाव में हार से उबर नहीं पाए हैं, जहां मुलायम और अखिलेश हार की समीक्षा कर रहे हैं वहीं पार्टी नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। संभल में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार शफीकुर्रहमान बर्क की हार पर लखनऊ तक सियासत गरमाई हुई है।
संभल विधानसभा सीट पर सपा की भारी बढ़त के बावजूद बर्क खेमा स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री इकबाल महमूद को निशाने पर ले रहा है।
चूंकि बर्क की उम्मीदवारी आखिरी वक्त में आजम खां ने तय की थी, इसलिए भी इस सीट को लेकर कुछ ज्यादा ही चर्चा है।
संभल की सियासत में इकबाल महमूद और शफीर्कुहमान बर्क के बीच शुरू से ही छत्तीस का आंकड़ा रहा है। दोनों ही संभल के रहने वाले हैं।
बर्क आजम के नजदीकी
बर्क को आजम खां का नजदीकी माना जाता है। शायद यही वजह है कि इकबाल महमूद और आजम खां के रिश्ते भी कभी मिठास भरे नहीं रहे।
2009 के लोकसभा चुनाव में आजम खां सपा से बाहर चले गए थे तो बर्क भी सपा छोड़ बसपा का दामन थामकर चुनाव लड़े। वह सांसद चुने गए थे।
इस बार इकबाल महमूद के विरोध के बावजूद आजम खां की पैरवी के चलते दो मार्च को संभल का घोषित प्रत्याशी बदलकर बर्क को उम्मीदवार बनाया गया।
उम्मीदवार बनने के बाद बर्क पहली बार संभल आए तो उनकेसमर्थकों ने इकबाल के निवास के बाहर हंगामा और तोड़फोड़ की थी। यह मामला थाने तक पहुंच गया था। इस घटना के बाद से दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया।
बर्क ने बनाए रखी दूरी
पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान बर्क न तो इकबाल महमूद से मिलने गए और न ही उन्हें किसी चुनावी सभा में बुलाया।
दूसरी तरफ इकबाल भी उनके चुनाव से दूरी बनाए रहे। वे किसी सभा में नहीं गए।
मुलायम सिंह यादव संभल में सभा करने गए तो इकबाल महमूद को अपने साथ लेकर गए। इस सभा में इकबाल ने बर्क को जिताने की अपील की लेकिन यह भी कह दिया कि प्रत्याशी ने कभी उनसे संपर्क की कोशिश नहीं की।
चुनाव के दौरान ही इकबाल ने मुलायम सिंह से मिलकर किसी दूसरे लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपने का आग्रह किया था।
एक दूसरे पर लगाए आरोप
चुनाव नतीजे आने के बाद संभल की हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। 19 मई को लखनऊ में प्रत्याशियों की बैठक में बर्क ने मुलायम सिंह की मौजूदगी में बर्क ने खुलकर इकबाल पर हमला बोला।
बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने मंत्री पर बसपा प्रत्याशी की मदद करने का आरोप लगाया। बर्क ने यहां तक कहा कि उनकी हार के लिए इकबाल महमूद जिम्मेदार हैं। उन्होंने महमूद को मंत्री पद से हटाने की मांग भी की।
नेताजी के सामने रखे वोटों के आंकड़े
बर्क के आक्रामक रुख के बाद इकबाल महमूद ने भी सपा मुखिया के सामने अपना पक्ष रखा। उनके सामने अपने विधानसभा क्षेत्र और मोहल्ले के बूथों के आंकड़े रखकर बताया कि वहां सपा को कितनी बढ़त मिली है।
उन्होंने याद दिलाया कि वही उन्हें संभल की सभा में अपने लेकर गए थे। इसी कारण 42 हजार वोटों की बढ़त मिली। उनके मोहल्ले में 50 फीसदी से ज्यादा वोट सपा प्रत्याशी को मिले हैं।
कर रहे हैं दुष्प्रचार
‘अमर उजाला’ से बातचीत में इकबाल महमूद ने बताया कि वह नेताजी के सामने स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। बर्क दुष्प्रचार कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने अपने मोहल्ले के बूथों और संभल विधानसभा सीट के आंकड़े उन्हें दे दिए हैं।
हालांकि इकबाल महमूद के कुछ समर्थक कह रहे हैं कि बर्क के विरोध के पीछे आजम खां हैं। बर्क पहले भी पार्टी बदल चुकेहैं। वह चुनाव से ठीक पहले दलबदल करके सपा में आए। उनकी निष्ठा पार्टी में कम, व्यक्ति में ज्यादा है। संभल के इस विवाद पर सपा नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
किसे कितने वोट मिले
संभल विधानसभा क्षेत्र-
पार्टी-----------वोट
सपा-----------92,776
बसपा----------50,350
भाजपा---------53,047
इकबाल महमूद के मोहल्ले के बूथ
कुल वोट-------19,008
सपा------------10,256
बसपा-----------4,285
भाजपा----------3,406