सूबे में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार एक अनूठा प्रयोग करने जा रही है। हर जिले में ऐसे लोगों का पता लगाया जाएगा जो अमन और भाईचारे के पैरोकार हैं।
आपसी मेल मिलाप में अहम भूमिका निभाने वाले ऐसे लोगों का सरकार जन्मदिन मनाएगी। इसके लिए जिलों को धन भी मुहैया कराया जा रहा है।
सांप्रदायिक दंगों व आपसी द्वेष की बढ़ती घटनाओं से प्रदेश के सामाजिक तानेबाने पर गंभीर असर पड़ा है। सरकार ने ऐसे माहौल में सामाजिक सौहार्द कायम करने लिए यह अहम पहल की है।
नहीं मिली पहचान
जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने जिले में ऐसी विभूतियों, महात्माओं, संतों, सद्पुरुषों का पता लगाएं जिन्होंने स्थानीय स्तर पर भाईचारे की भावना को बढ़ाने व विभिन्न संप्रदायों के बीच आपसी मेल-मिलाप के माहौल को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान किया लेकिन उन्हें अपेक्षित पहचान नहीं मिल पाई।
सरकार ऐसे लोगों का जन्मदिन मनाकर उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी। ये कार्यक्रम पूरी भव्यता से जिले स्तर पर इस तरह आयोजित होंगे कि उनका संदेश जिले के कोने-कोने तक पहुंच सके।
जिलाधिकारियो को दिए 26.25 लाख
राष्ट्रीय एकीकरण विभाग ने इसके लिए हर जिले को 35-35 हजार रुपये देने का फैसला किया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद करीब 26.25 लाख रुपये जिलाधिकारियों को मुहैया करा दिए गए हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से विभिन्न संप्रदायों के बीच सौहार्द बढ़ेगा और कटुता दूर हो सकेगी। जिलाधिकारी इसमें जिलों में काम करने वाले स्वैच्छिक संगठनों की मदद भी ले सकते हैं।