सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन आज भी मन को आंदोलित करता है। तब देश में अचानक आपातकाल की घोषणा हो गई थी। सभी अधिकार निलंबित कर दिए गए थे।
मुख्यमंत्री का यह कहना सही है कि आपातकाल के विरोध में जेल जाने वाले वास्तविक हीरो हैं। उन्होंने लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए अपनी जिंदगी खतरे में डाली।
चौधरी ने कहा, आपातकाल में असहमति की हर आवाज दबा दी गई थी। जबरन थोपी जा रही तानाशाही का विरोध करने पर विपक्षी नेताओं को जेल के सीखचों के पीछे कैद कर दिया गया था।
जेल जाने वालों को नहीं पता था कि उनकी जिंदगी में कब तक अंधेरा रहेगा। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव हमेशा जोर देते हैं कि लोकतंत्र जनता की ताकत है, जनता की आवाज है।
इसमें तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में जनहित को ही प्राथमिकता मिलती है।