सूबे में 2017 के चुनावी संग्राम की तैयारियों में जुटी प्रदेश सरकार जातियों की गोलबंदी के लिए और आगे बढ़ गई है। देर से ही सही शासन ने ग्राम्य विकास विभाग की कई योजनाओं में 17 अति पिछड़ी जातियों को मात्रात्मक आरक्षण देने का आदेश जारी कर दिया है।
इससे इन जातियों के लाभार्थियों को निर्धारित योजनाओं में 7.5 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित हो गई है।
ग्राम्य विकास सचिव वी. हेकाली झिमोमी की तरफ से जारी आदेश में कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी और मछुआ को ग्राम्य विकास की योजनाओं में 7.5 प्रतिशत मात्रात्मक आरक्षण देने को कहा गया है।
पहले चरण में जिन योजनाओं में लाभ देने का फैसला किया गया है, उनमें लोहिया ग्रामीण आवास, हैंडपंप, ग्रामीण पेयजल योजना और अंबेडकर विशेष रोजगार योजना शामिल हैं। जल्द ही कुछ अन्य योजनाओं में भी इस फैसले को लागू किए जाने के संकेत हैं।